अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग में कांस्य पदक विजेता चांदपुर क्षेत्र के गांव धूंधली तलीबपुर निवासी मु?
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चांदपुर। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता मुक्केबाज मुस्कान का शनिवार को गांव धूंधली तबीबपुर पहुंचने पर फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। मुस्कान को ढोल बाजे के साथ गांव में घुमाया गया।
गांव धूंधली तबीबपुर निवासी नरेश कुमार की 16 वर्षीय पुत्री मुस्कान ने 25 से 29 सितंबर तक चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में हुई 28वीं जूलियस टार्मा मेमोरियल यूथ महिला-पुरुष इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीत कर देश का मान बढ़ाया है। शुक्रवार को गांव पहुंचने पर मुस्कान का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। विधायक कमलेश सैनी ने मुस्कान को आशीर्वाद दिया। पिता नरेश कुमार ने बताया उनके तीन बच्चों में मयंक, प्रकृति और मुस्कान हैं। पुत्र मयंक को वेटलिफ्टिंग कराई लेकिन बाद में उसका रूझान बॉक्सिंग में हो गया। भाई को देखकर बेटी प्रकृति व मुस्कान भी बॉक्सिंग सीखने लगी। जिले में कोई बॉक्सिंग कोच न होने के कारण नरेश ने मुस्कान के साथ गुड़गांव जाकर रहना शुरू कर दिया। पुत्री को बॉक्सर बनाने के लिए वह प्राइवेट जॉब करने लगे। आर्थिक तंगी आड़े आई तो उन्होंने अपने पुत्र मयंक को भी काम पर लगा दिया। बेटी प्रकृति व मुस्कान को एनआईएएस कोच मनोज शर्मा ने बॉक्सिंग की कोचिंग दिलाई। इसके चलते प्रकृति मुरादाबाद मंडल की ओर से खेलते हुए 2017 में यूपी की चैंपियन बनी। मुस्कान मुरादाबाद मंडल की ओर से खेलते हुए वर्ष 2018 में यूपी जूनियर चैंपियन व 2019 में यूथ चैंपियन बनीं। इसके बाद उनका चयन भारत की पांच खिलाड़ियों के साथ चेक गणराज्य में होने वाली 28वीं जूनियर टार्मा मेमोरियल यूथ महिला पुरुष इंटरनेशनल बाक्सिंग टूर्नामेंट के लिए हो गया। यहां मुस्कान ने 48 किग्राभार वर्ग में कांस्य पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया। मुस्कान दो बार उत्तर प्रदेश की चैंपियन एवं नेशनल में रजत पदक विजेता बन चुकी है। स्वागत कार्यक्रम में दिल्ली से आए उमेश कुमार, कुशलपाल सिंह, डा. नेतराम सिंह आदि मौजूद रहे।
मुस्कान का सपना स्वर्ण पदक जीतना
मुुस्कान ने बताया कि उसका सपना 2024 में होने वाली ओलंपिक टूर्नामेंट में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का है। वह इसके लिए तैयारी में जुटी है। अपनी उपलब्धियों का श्रेय वह अपने माता-पिता को देती है। इसमें गांव मदारीपुर निवासी उमेश कुुमार का भी विशेष सहयोग रहा।