बिजनौर के ग्राम गोकलपुर चुंगी के जंगल में एक खेत में गन्ना फसल में कीट मारने को लगी लाइट ट्रैप।
बिजनौर। आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ना फसल को टॉप बोरर जैसी कीटों से बचाव को गन्ना बीज परिवर्तन के साथ किसानों को कई उपाय बताए जा रहे हैं। वर्तमान में गन्ने के खेतों में बैटरी से चलित लाइट ट्रैप लगाई जा रहीं हैं। इसकी दूधिया लाइट में टॉप बोरर की तितली आकर्षित होकर आती है। उसके चीनी डीजल मिलाकर भरे गए पानी में डूबकर मर जाएगी। काफी हद तक टॉप बोरर बीमारी पर नियंत्रण पाया जाएगा।
चालू पेराई सत्र में गन्ना बीमारी की चपेट में आने से गन्ना उत्पादन कम हुआ। आगामी पेराई सत्र में गन्ना बीमारी की चपेट में न आए। इसके लिए गन्ना विभाग चीनी मिलों की मदद से उन्नत गन्ना बीज परिवर्तन करा रहा है। वहीं किसानों को टॉप बोरर जैसी बीमारी से गन्ना फसल को बचाने के लिए तरह तरह के कदम उठा रहा है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दलेश्वर मिश्रा ने बताया कि टॉप बोरर यानी सफेद तितली वाला कीट गन्ने के लिए खतरनाक है। टॉप बोरर की तितली को खत्म करने के लिए खेतों में बैटरी संचालित लाइट ट्रैप लगवाई जा रही है।
बिजनौर चीनी मिल के जीएम गन्ना राहुल चौधरी ने बताया कि टॉप बोरर कीट तितली को इकट्ठा करने या नष्ट करने के लिए लाइट ट्रैप उपकरण अच्छा है। इसकी चमकदार रोशनी से कीट आकर्षित होकर आती है।