गंगायात्रा का पहला चरण सड़क मार्ग से पूरा होगा
बिजनौर। गंगा में जल, गंगा यात्रा के तय मानकों के अनुसार नहीं है। इसलिए गंगा यात्रा का पहला चरण सड़क मार्ग से पूरा होगा। प्रशासन 54 किमी की प्रथम चरण की यात्रा की तैयारी तेज कर दी हैं। सीडीओ केपी सिंह ने गंगा यात्रा से जुडे़ अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश दिए हैं।
गंगा यात्रा का शुभारंभ 27 जनवरी से सबलगढ़ से होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आ रहे हैं। प्रशासन को सीएम के आने का प्रोग्राम नहीं मिला है, लेकिन प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सीडीओ केपी सिंह ने विकास भवन सभागार में गंगा यात्रा से जुड़े अधिकारियों की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की है। गंगा यात्रा का शुभारंभ स्थल सबलगढ़ से सात किलोमीटर दूर है। सबलगढ, तैयबपुर गोरबा तथा बैराज पर कार्यक्रम है। मेन कार्यक्रम गंगा बैराज पर है। सीडीओ ने नोडल अधिकारियों से कहा है कि वे गंगा किनारे की ग्राम पंचायतों के काम आवंटित तिथि से पहले पूरा कर लें। कहीं कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सीडीओ के अनुसार गंगा में जल कम है। बताया गया कि तय मानक के अनुसार वोट यात्रा के लिए गंगा में दो मीटर ऊंचाई तक पानी होना चाहिए। परीक्षण में पानी की ऊंचाई कम पाई गई है, इसलिए गंगा यात्रा का पहला चरण सड़क मार्ग से होगा। सीएम तथा केंद्र व राज्य के आला अधिकारी सबलगढ़ से बैराज तक सड़क मार्ग से आएंगे। सड़क मार्ग को दुरुस्त कराने का युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
जगह-जगह बनेंगे स्वागत द्वार
गंगा यात्रा सबलगढ़ से बैराज तक दस कस्बों से गुजरेगी। ये हैं सबलगढ़, भागूवाला, मंडावली, नांगल, तिसोतरा ,तैयबपुर गोरबा, चंदोक, मंडावर, बिजनौर, तथा गंगा बैराज। प्रशासन इन गांवों व कस्बों की साफ सफाई, सड़क और अन्य व्यवस्था पर भी निगाह रख रहा है। सड़क के दोनों ओर की घास फूस साफ हो रही है। सभी दस गांवों व कस्बों में स्वागत द्वार बनेंगे। प्रशासन को गंगा यात्रा का फाइनल कार्यक्रम आने का इंतजार है। इसके बाद तैयारियों में अधिक तेजी आएगी।