श्रीनगर की दुर्घटना को संदिग्ध मान रहे परिजन
किरतपुर। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर से कार द्वारा अपने घर लौट रहे छह युवकों के दुर्घटना के बाद लापता होने को परिजन संदिग्ध मान रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि साजिश के तहत सुनियोजित हत्या है, जिसकी जांच होना आवश्यक है। परिजनों ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि लगभग एक सप्ताह पूर्व जम्मू कश्मीर के श्रीनगर से बिजनौर जिले के कार चालक सहित नौ युवक कार से बिजनौर आ रहे थे। परिजनों के अनुसार कार आसिफ चला रहा था। आसिफ का साथी बिलाल भी ड्राइवर है। एक अन्य युवक राशिद की मौत हो चुकी है। आरोप है कि साजिश के तहत किरतपुर के छह युवकों अजीम पुत्र अनीस, तारिक पुत्र तौकीर, हिफजान पुत्र अमानत, आजम पुत्र नाज आलम, फहीम पुत्र इरशाद, मौलवी बशीर अहमद कश्मीरी की हत्या कर उनसे लाखों रुपये की लूट की है। दुर्घटना के बाद आसिफ और बिलाल का सकुशल बचना कई सवाल खड़ा कर रहा है।
अमानत के छोटे भाई मोहम्मद फुरकान का कहना है कि बिलाल और आसिफ से जब इस घटना के बारे में पूछा जाता है तो वे दोनों बयान बदल कर बात करते हैं। लापता युवकों के परिजन इसे दुर्घटना मानने को तैयार नहीं हैं। इस घटना को दुर्घटना नहीं, बल्कि लूट के इरादे से की गई छह युवकों की हत्या मान रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर कार चालक और उसके साथी पर हत्या का आरोप लगाते हुए इस घटना की जांच उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से करवाने की मांग की है।