नजीबाबाद। नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी की सालाना मजलिसाें का आगाज बृहस्पतिवार को तड़के फजिर की नमाज के बाद शुरू होगा। बुधवार की देर शाम तक बड़ी संख्या में जायरीनों और अंजुमनों के दरगाह पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
शिया मुस्लिमानों की जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में या अली, मौला अली की सदाएं गूंजने लगी हैं। बृहस्पतिवार को सेवर मातमी मजलिसों में शिरकत के लिए सैकड़ों जायरीन बुधवार की शाम तक जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर पहुंच चुके थे। जायरीनों ने दरगाह पहुंचते ही मौला अली की बारगाह में नजराना-ए-अकीदत पेश करने और मन्नतें मांगने का सिलसिला शुरू कर दिया। दरगाह के प्रशासक शबाब नकवी ने बताया जियारत के लिए आने वाले जायरीनों के ठहरने के माकूल इंतजाम किए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रकाश कुमार, एसडीएम आशुतोष रामप्यारे जैसवाल, सीओ नगीना राजेश सिंह सोलंकी ने प्रशासक के साथ बुधवार दोपहर दरगाह परिसर का निरीक्षण कर यातायात और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रबंधक हुसैन मेहंदी जैदी ने बताया मातमी मजलिसों को खिताब करने के लिए शिया विद्वान आमंत्रित किए गए हैं। शमसुल हसन हॉल से लगातार मजलिसों का सिलसिला चार दिन जारी रहेगा। इस दौरान अंजुमनों द्वारा मातमी जुलूस बरामद किए जाएंगे। दरगाह की जियारत और शिरकत के लिए नौगांवा सादात की अंजुमन-ए-हैदरी और आबदिया, छजुपुरा की अंजुमन इरफान-ए- अजा ,अंजुमन लश्करे हुसैनी दरगाह पहुंचीं।
अंजुमनों ने सजाए मंजर
सालाना मजलिसों में शिरकत के लिए पहुंचीं कई अंजुमनों ने वाकयात-ए- कर्बला और इमाम हुसैन की जिंदगी से जुड़े मंजर सजाए हैं। अंजुमनों की ओर से कयामे हुसैनी, मंजरे जिंदाए शाम और वाक्यात-ए- कर्बला से संबंधित कई मंजर सजाए। कुछ अंजुमनों ने खिदमत-ए-खल्क के नजरिया से शबील कैंप लगाए हैं।
रेलवे स्टेशन से जोगीरम्पुरी के लिए चलेंगी रोडवेज बसें
जोगीरम्पुरी दरगाह की जियारत के लिए आने वाले जायरीनों के लिए नजीबाबाद रोडवेज से विशेष बस सेवा बृहस्पतिवार को सवेरे से शुरू होगी। डिपो के कार्यवाहक एआरएम सत्यम सिसोदिया ने बताया लखनऊ दिशा से आने वाली ट्रेनों के समय स्टेशन पर रोडवेज बसें उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों की संख्या और फेरे तय किए जाएंगे।