संचारी रोग नियंत्रण के अभियान में पिछड़ गया जिला
बिजनौर। जिले में एक अक्टूबर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू हो गया है, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार साफ-सफाई और फॉगिंग को लेकर ज्यादा जोर रहेगा। क्योंकि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दूूसरे चरण में इन्हीं चीजों को लेकर बिजनौर पिछड़ गया था। जिसके चलते प्रदेश स्तर पर जिले की नौवीं रैंकिंग थी।
जिले में चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत फ्रंटलाइन वर्कर्स घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों के बारे में जागरूक करेंगी। अभियान के तहत आशा और आगंनबाड़ी कार्यकर्ता रोजाना बुखार के रोगियों की सूची, क्षय रोग के लक्षण वाले व्यक्तियों की सूची, कुपोषित बच्चों की सूची विभाग को भेजेंगी। वहीं ऐसे घरों की सूची भी दी जाएगी, जहां मच्छरों का प्रजनन पाया गया हो। इसके अलावा गांवों में साफ-सफाई भी कराई जा रही है। जिससे रोग फैल न सके। मगर जिले में साफ-सफाई और फॉगिंग सही से नहीं हो पाई है। क्योंकि इन्हीं वजह से प्रदेश स्तर पर जिले की रैकिंग घटी है।
ये विभाग कर रहे अभियान में सहयोग
संचारी रोग नियंत्रण अभियान नगरीय विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खंड विकास अधिकारी, पशुपालन विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग, सूचना विभाग, उद्यान विभाग के सहयोग से चलाया जा रहा है।
वर्जन:
अभियान में कम रैकिंग गांवों में ऊंची झाड़ियों और साफ-सफाई कम होने की वजह से मिली है। और फॉगिंग भी कम हुई थी। इन दोनों कारणों की वजह से ही प्रदेश स्तर पर अभियान के दूसरे चरण में बिजनौर नौवें स्थान पर रहा है। इस बार चल रहे अभियान के तीसरे चरण में रैकिंग सुधारने की पूरी कोशिश की जा रही है।.....आशुतोष सिंह, जिला प्रभारी मलेरिया अधिकारी