अपनों ने बनाई दूरी तो गैर बने मददगार
बिजनौर। कोरोना काल में अपने जहां दूरी बनाए रहे वहां गैरों ने परिवार का फर्ज निभाया। कोरोना से मरने वालों को जहां परिवार के लोगों ने हाथ नहीं लगाया, वहां पुलिस ने परिवार के सदस्य की तरह अर्थी को कंधा दिया व अन्य रस्में निभाईं। कई जगह पुलिस लोगों की मददगार बनी।
कोरोना काल में अपनों से कई जगह परिवार के लोग दूर रहे। उपचार कराने के बाद कोरोना संक्रमितों की मदद करने से बचते रहे और गैर मदद करने को आगे आए। आलम ये रहा कि अगर कोई कोरोना संक्रमित निकल गया तो गैरों को तो छोड़िये अपने भी उनके पास जाने से बचते रहे। कोरोना संक्रमित को एकांत में डालकर ऐसा बर्ताव किया जैसे वह अपना है ही नहीं। बुजुर्गों की तो ऐसे कई मामलों में अपनों ने ही खूब अनदेखी की। कोरोना संक्रमित की मौत होने पर भी परिजन उनके साथ जाने से बचते रहे। शवों का अंतिम संस्कार भी दूसरों ने ही किया।
एक सप्ताह पूर्व बिजनौर के जिला अस्पताल में धामपुर क्षेत्र के एक कोरोना संक्रमित की मौत हो गई थी। परिजन शव को देखकर भाग खड़े हुए। जिला अस्पताल में मौजूद शहर कोतवाल राधेश्याम यह देखकर आगे आए और उन्होंने पुलिसकर्मियों को साथ लेकर मृतक के शव को उठाकर गाड़ी में रखवाया। इसके बाद भी परिजन शव के पास बैठने को तैयार नहीं हुए। पुलिस के काफी समझाने के बाद परिजन वहां से शव लेकर गए।
धामपुर के एसबीआई कॉलोनी निवासी विशाल की 17 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई। उसके संपर्क में आने से मां सुशीला शर्मा व छोटा भाई विक्की भी संक्रमित हो गए। मां की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने रिश्तेदारों को सूचना दी पर कोई मदद को नहीं आया। अकेला विक्की अपनी मां को लेकर उपचार कराने में दौड़ता रहा। नौ मई को सुशीला शर्मा की भी मौत हो गई। शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए पड़ोसी तो छोड़ो कोई रिश्तेदार भी नहीं आया। शव घर में रखा रहा। पुलिस को सूचना दी गई। धामपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अरुण त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई।
परिवार के सदस्य की तरह मदद कर रहे रितेश
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नगीना। एक तरफ जहां कुछ लोग जीवन रक्षक दवाइयों, मरीजों के बीमारी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों व ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने में लगे हुए हैं। वहीं, ऐसे नाजुक मोड़ पर कुछ लोग मजबूर लोगों की मदद में आगे आ रहे हैं। उनमें ही एक नाम नगीना के रितेश अग्रवाल का भी है। जो बीमार लोगों को निशुल्क ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करा रहे हैं। अब तक करीब 30 लोगों को ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवा कर दे चुके हैं। मोहल्ला मानक चंद निवासी लाला गिरिराज किशोर के पौत्र व अरविंद कुमार अग्रवाल के पुत्र रितेश अग्रवाल बताते हैं कि पिछले करीब 10 दिनों से उन्होंने नगर के तमाम लोगों को ऑक्सीजन की समस्या से परेशान हाल देखा तो उनकी मदद करने का बीड़ा उठाया। मुरादाबाद व काशीपुर से बीमार लोगों को ऑक्सीजन के सिलिंडर मुहैया कराए।