बंदियों ने फरार होने का पहले ही बुन लिया था ताना-बाना
बिजनौर। फरमान व कुलवीर अस्थाई जेल आने वाले दिन से ही जेल से भागने की फिराक थे। जेल की कमजोर खिड़की व दरवाजे देखकर उन्हें जेल से भागना आसान लग रहा था। जेल की छत पर उन्होंने पेड़ों की सटी टहनियां भी देख ली थी। जेल की एक बैरक में अन्य बंदियों के साथ अक्षय , संजू कुलवीर व फरमान एक साथ बंद थे। बैरक में इन चारों ने आपस में गहरी दोस्ती कर ली। चारो ने बुधवार की रात जेल से एक साथ भागने का पूरा प्लान बना लिया। रात भर इस बारे में चारों आपस में चोरी -छिपे बात करते रहे। बाकी बंदियों को अपने प्लान की इन्होंने भनक तक नहीं लगने दी। दिन निकलते ही ये भागने की फिराक में जुट गए। मौका मिलते ही जेल से भाग निकले। नगीना देहात पुलिस के हत्थे चढ़े फरार अक्षय ने चारों के फरार होने की सारी कहानी पुलिस को बता दी है। नगीना देहात के थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह के मुुताबिक 0अक्षय ने पुलिस को बताया कि बुधवार की रात चारों ने जेल से फरार होने का प्लान बनाया था। फरमान व कुलवीर पहले से फरार होने की योजना बना रहे थे। पर उन्हे मौका नहीं मिल रहा था।
मास्क के सहारे भागा अक्षय
जेल से फरार होने के बाद अक्षय मास्क लगाकर पैदल भाग निकला। रास्ते में उसे जो भी बाइक व अन्य वाहन मिला उस पर लिफ्ट लेकर वह आगे बढ़ता रहा। मास्क की वजह से कोई उसे पहचान नहीं पाया। अक्षय आसानी ने नगीना देहात क्षेत्र के टांडा माईदास इलाके में पहुंच गया। नगीना देहात के एसओ उदयप्रताप सिंह के मुुताबिक कोटद्वार की ओर से टांडा माईदास की तरफ आते हुए अक्षय को पुलिस ने दबोचा है। अक्षय ने पुलिस को बताया कि रास्ते में जहां कोई वाहन मिलता था। वह लिफ्ट ले लेता था। वाहन नहीं मिलने पर पैदल चल देता था। कई किलोमीटर वह पैदल भी चला है।