नगीना। सरकारें बदली-जनप्रतिनिधि बदले, लेकिन नगीना की समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ। नगीना- कोतवाली मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग के चलते जाम की समस्या से जूझ रहे नगीनावासियों को हर सरकार में ओवरब्रिज बनवाने का सिर्फ आश्वासन मिला लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
नगीना के लोग रेलवे क्रॉसिंग के बार-बार बंद होने के कारण रोजाना तमाम परेशानियों को झेल रहे हैं। दो साल पहले नगीना आए रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव द्वारा रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनवाए जाने की घोषणा भी अब तक हवाई साबित हुई। अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो कालम के माध्यम से नगीना के युवा सराफ अविरल मित्तल ने रेलवे क्रॉसिंग की समस्या को उठाया है।
हावड़ा-जम्मू मुख्य रेलवे ट्रैक पर इस फाटक के स्थित होने के चलते दिन भर में यह करीब 100 से अधिक बार बंद होता है। जिला मुख्यालय जाने के लिए रेलवे क्रॉसिंग से निकलना मुसीबत से कम नहीं है। अक्सर एक साथ कई ट्रेनों के गुजरने से लंबे समय तक फाटक बंद रहता है। गंभीर मरीजों की जान पर बन आती है। कई बार स्कूली बच्चों की गाड़ियां कड़ी धूप व बारिश में घंटो रेलवे क्रॉसिंग के जाम में फंसी रहती हैं।
नगीना के लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बनवाने की मांग लगभग हर पार्टी के जनप्रतिनिधि से की लेकिन आज तक किसी ने समस्या का समाधान नहीं हो सका। वर्तमान सांसद चंद्रशेखर आजाद ओवरब्रिज की मांग को संसद में उठा चुके हैं। इसके बावजूद सरकार की तरफ से सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। जेपी ज्वेलर्स के स्वामी अविरल मित्तल, एलआरएस महिला महाविद्यालय के प्रबंधक राकेश अग्रवाल, व्यापारी नेता मकसूद उस्मानी, व्यापारी मनीष अग्रवाल आदि ने कोतवाली मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाए जाने की मांग की है।