नींदडू़ में उलेमा ने शादी में डीजे व शराब समेत चार चीजों को पूर्णतया प्रतिबंधित करते हुए पालन नहीं करने वालों का निकाह नहीं पढ़ाने के निर्णय पर अंतत: अपनी मोहर लगा दी।
करीब एक वर्ष पहले उलेमा द्वारा अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन का गठन कर शादी में बैंड बजाने, डीजे पर डांस करने, आतिशबाजी करनेे, शराब पीने, खड़े होकर खाना खाने, वीडियो फिल्म बनाने और मर्दों के साथ औरतों को बारात में ले जाने समेत कई तरह के कार्यों को सुन्नत के खिलाफ और गैर इस्लामी बताते हुए इन पर पाबंदी लगाई गई थी। गैर शरई कार्यों में संलिप्त रहने वालों के यहां निकाह नहीं पढ़ाने का फैसला लिया गया था। इस निर्णय के जहां सकारात्मक परिणाम सामने आए, वहीं कुछेक ने हुक्म की अनदेखी भी की।
रविवार को मोहम्मदी मस्जिद में आयोजित अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन की बैठक में चार बिंदुओं पर अंतिम फैसला लेते हुए निकाह नहीं पढ़ाने का निर्णय लिया गया। शहर काजी व इमामों से कहा गया है कि वे बैंड बाजा बजाने, डीजे पर थिरकने, शराब का सेवन और खड़े होकर खाना खिलाने की स्थिति में निकाह नहीं पढ़ाएं। उलेमा के सख्त निर्णय का उपस्थित लोगों ने स्वागत करते हुए इसे समाज से बुराइयों की समाप्ति को उठाया गया अच्छा कदम बताया। मोलवी असरार अहमद के संरक्षण, मुफ्ती मोहम्मद अशरफ की अध्यक्षता व मोलवी शमशीर अहमद के संचालन में बैठक का आगाज कारी मुबीन कुरैशी द्वारा कुरान की तिलावत से हुआ। मुफ्ती मोहम्मद शादाब, मोलवी अबरार अहमद, काजी नूर अहमद नूर, मोलवी मोहम्मद शाहिद, फिरासत हुसैन, अमीर अली ने विचार व्यक्त किए।