बिजनौर। गंगा बैराज के रावली तटबंध पर कटान का खतरा मंडरा अभी टला नहीं है। अब कटान की जगह बदल गई है। दूसरी जगह पर गंगा की धारा तेजी कटान करते हुए तटबंध की ओर बढ़ रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से नए तटबंध के लिए भी खतरा बना हुआ है। कटान रोकने के लिए किए जा रहे तमाम जतन के बाद भी लोगों और अधिकारियों की धड़कनें बढ़ीं हुईं हैं।
गंगा बैराज के पुराने तटबंध का करीब 900 मीटर दूरी में कटान हो चुका है। कटान होते होते इसके पीछे मिट्टी डालकर नया तटबंध तैयार किया जा चुका है। वहीं, अब काफी दूर पीछे तक कटान शुरू हो गया है। टीम नए तटबंध को बचाने की जद्दोजहद में जुटी हुई हैं। मिट्टे के कट्टे भरकर तटबंध के किनारे पर डाले जा रहे हैं। इसके अलावा पेड़ काटकर डाले जा रहे हैं। वहीं, सुबह और शाम के गंगा जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई है।
गंगा में रविवार सुबह चार बजे करीब 50 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था। शाम चार बजे तक जलस्तर बढ़कर एक लाख चार हजार क्यूसेक हो गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। काफी मशक्कत कर तटबंध को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पोकलेन मशीन को टापू पर ले जाने का भी नहीं निकला रास्ता
गंगा की धार को बदलने के लिए पोकलेन मशीन को टापू पर ले जाना है लेकिन, कोई रास्ता नहीं निकल सका है। इस मशीन के जरिए नाली खोदकर गंगा की धार माेड़ने का प्रयास किया जाएगा। टापू पर ड्रेजिंग मशीन से काम चल रहा है। मगर, कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। घासीवाली के प्रधान पति सपनराय का कहना है कि पोकलेन मशीन टापू तक पहुंचे, तभी कटान रुक सकता है। मशीन को टापू तक ले जाने के लिए कोई न कोई रास्ता जरूर निकालेंगे।
गंगा की तेज लहरों के सामने बेअसर हो रहे परक्यू पॉइंट
तटबंध कटान को रोकने के लिए तमाम जतन किए जा रहे हैं। गंगा की तेज लहरों के सामने सब बेअसर साबित हो रहा है। तटबंध बचाने के लिए परक्यू पॉइंट बनाकर किनारे पर डाले जा रहे हैं। साथ ही पेड़ की टहनियां डाली जा रही है।
नए तटबंध को मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा काम
नए तटबंध को गंगा की लहरें नुकसान न पहुंचाए। इसके लिए रोड रोलकर से मिट्टी को समतल किया जा रहा है। ताकि, मिट्टी को ठोस किया जा सके। रोड रोलर के चलने से नया तटबंध के बीच-बीच में दब गया है, इससे नए तटबंध को बचाना किसी मुश्किल से कम नहीं है।
नए तटबंध के नीचे से हो रहा पानी का रिसाव
रावली का पुराना तटबंध करीब 900 मीटर पूरी तरह से कट चुका था। जिसके चलते मिट्टी डालकर नया तटबंध तैयार किया गया है। नए तटबंध के नीचे से भी पानी का रिसाव हो रहा है। इससे नए तटबंध को अधिक खतरा बना हुआ है।
बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध का कटान करती गंगा और उसे रोकने के लिए लगाए गए कट्टे। संवाद