फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: फोरलेन हाईवे पर वन्य जीव गलियारों के निर्माण ने पकड़ी गति

Thu, 01 Jun 2023 12:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
विज्ञापन
नजीबाबाद-हरिद्वारा के बीच भागूवाला में निर्माणाधीन फोरलेन हाइवे।
विज्ञापन
- वन क्षेत्र में हाईवे के नीचे से गलियारा मुहैया कराने को बनाए जाने हैं सात अंडर पास
विज्ञापन

- हाथियों की आवाजाही को बनेंगे चार अंडरपास, छोटे जीवों के लिए होगा तीन अंडरपास का निर्माण
- बीस फीसदी हुआ अंडर पास का निर्माण, खड़े किए जा चुके हैं पिलर
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद/बिजनौर। हरिद्वार-नगीना फोरलेन हाईवे पर वन्य जीव गलियारों के निर्माण ने तेजी पकड़ ली है। जिनके पिलर खड़े कर लिए गए हैं। करीब बीस फीसदी निर्माण हो चुका है। दरअसल, वन इलाके में हाथी और अन्य जीवों की आवाजाही के लिए फोरलेन हाईवे पर सात अंडरपास बनाए जाने हैं, जिनमे चार एलिफेंट अंडरपास है। इनके निर्माण पर 120 करोड़ की लागत आएगी। फरवरी 2024 तक निर्माण पूरा होना है।
हरिद्वार से काशीपुर तक करीब 2200 करोड़ की लागत से हाईवे को फोरलेन किया जाना था। हालांकि नगीना से काशीपुर तक हाईवे का काम पूरा कर लिया गया था। इसी दूरी में टोल भी वसूला जा रहा है। हरिद्वार से नजीबाबाद के बीच निर्माण में देरी हुई। देरी की एक वजह वन क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए सुरक्षित गलियारा मुहैया कराना भी रहा। शुरुआती प्रोजेक्ट में वन्य जीवों के लिए अंडरपास का प्रावधान नहीं था। बाद में वन विभाग की आपत्ति के बाद 120 करोड़ की लागत से हाथियों के लिए चार अंडरपास और अन्य छोटे जीवों के लिए तीन अंडर पास बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ।
विज्ञापन

जोकि अब धरातल पर आ चुका है। हाथियों के लिए कुल चार अंडर बनाए जाने हैं, जिनमें दो की लंबाई पांच पांच सौ मीटर है जबकि एक डेढ़ सौ मीटर और एक अन्य की तीन सौ मीटर लंबाई है। इनके निर्माण को पिलर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। पीली और रवासन नदी के बीच चार अंडरपास रहेंगे। जबकि चिड़ियापुर में बनने वाला अंडरपास 150 मीटर लंबा रहेगा। पहले और अंतिम अंडरपास तक सड़क ऊंची रहेगी, जिससे वन्य जीव सड़क पर नहीं आने पाएं। धरती के तल से इनकी ऊंचाई साढ़े आठ मीटर रखी गई है।

हाथियों की वजह से नहीं थमेगा यातायात
फिलहाल कभी भी सड़क पर हाथी आकर कभी भी खड़े हो जाते हैं, जिनकी वजह से ट्रैफिक थम जाता है। मनमौजी हाथियों को कोई हटा भी नहीं सकता, ये खुद ही सड़क से हटते हैं तो ट्रैफिक आगे बढ़ पाता है। भागूवाला से हरिद्वार के बीच सड़क पर अक्सर हाथी आकर खड़े हो जाते हैं। अंडरपास बन जाने के बाद सड़क ऊपर हो जाएगी और ट्रैफिक मेें बाधा नहीं आएगी।
विज्ञापन



वर्जन:::
नजीबाबाद से हरिद्वार के बीच फोरलेन का काम करीब 70 फीसदी हो चुका है। वन्य जीवों के लिए अंडरपास बनाने का काम भी बीस फीसदी हो गया है। फरवरी तक इन्हें पूरा कर लिया जाएगा - राजकुमार, परियोजना निदेशक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें