- दो जून को कलक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार किसानों व निर्यातकों की होगी बैठक
- इस बार जनपद में 56845 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बासमती धान की रोपाई का लक्ष्य
-नबर गेम
56845 हेक्टेयर क्षेत्रफल इस बार का लक्ष्य
56062 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गतवर्ष हुई थी रोपाई
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद में उत्पादित बासमती धान का किसानों को अच्छा मूल्य मिलें, इसके लिए जिला प्रशासन व कृषि विभाग की ओर से किसान व निर्यातकों के बीच दो जून को बैठक कराई जाएगी। बैठक में जनपद, आसपास के जिलों के ही नहीं पड़ोसी राज्यों के क्रेता, निर्यातक पहुंचेंगे।
डीएम की अध्यक्षता में दो जून को कलक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार में होने वाली बैठक में जनपद के ज्यादा बासमती धान की रोपाई करने वाले किसानों को भी आमंत्रित किया गया। वैसे तो जनपद गन्ना क्षेत्रफल के नाम से प्रसिद्ध है। यहां गन्ना मुख्य खबर है और गन्ने का क्षेत्रफल दो लाख 55 हजार हेक्टेयर है। नए सीजन के लिए गन्ना सर्वे का कार्य चल रहा है। दूसरे नंबर पर गेहूं तथा धान की रोपाई तीसरे नंबर पर है। इस बार जनपद में धान की रोपाई का लक्ष्य 56843 हेक्टेयर है। गत वर्ष 56062 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बासमती धान की रोपाई हुई थी। कृषि विभाग की ओर से धान का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से किसानों को प्राकृतिक, जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ये होंगे बैठक में शामिल
जिले के एफपीओ, मुजफ्फनगर, नोएडा, नई दिल्ली , हरियाणा के रोहतक, करनाल, मुंबई के निर्यातक आदि शामिल होंगे।
विदेशों में गुड़, सरसों का तेल आदि होता निर्यात
जिला प्रशासन व विभाग की ओर से किसानों व निर्यातकों के बीच तालमेल बनवाया जा रहा है। उसकी का परिणाम है कि पीछे भी जनपद में उत्पादित गुड़, सरसों का तेल, आम का खाड़ी देखों में निर्यात हुआ है।
- कोट
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दो जून को महात्मा विदुर सभागार में जनपद के प्रगतिशील किसान, जैविक, प्राकृतिक रूप से खेती करने वाले तथा क्रेता, निर्यातक बैठक में रहेंगे - डाॅ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी