- पुलों के गाॅर्डर बनाने का काम भी शुरू, मार्ग में जगह-जगह डाली जा रही मिट्टी और पत्थर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोतवाली देहात। पानीपत-खटीमा हाईवे के निर्माण कार्य ने अब फिर से तेज रफ्तार पकड़ ली है। पुलों को पूरा करने के लिए उनके गाॅर्डर बनाए जा रहे हैं। सड़क निर्माण के लिए भी मिट्टी डालकर आधार तैयार किया जा रहा है।
बिजनौर-कोतवाली मार्ग अब पानीपत-खटीमा हाईवे का हिस्स है। इसका निर्माण लगभग पिछले सवा साल से चल रहा है। कुछ दिनों से हाईवे का निर्माण बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा था। अब निर्माण में तेजी आई है। पुलों के गाॅर्डर बनाने का काम तेजी से हो रहा है। लगभग पचास फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य के लिए सड़क का आधार तैयार कर दिया गया है। जिससे शीघ्र ही कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
12 किलोमीटर का निर्माण हो चुका है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि लगभग 22 किलोमीटर दूरी का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें से लगभग 12 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है। हाईवे पर ओवरब्रिज तथा अंडरपास और छोटे पुलों के निर्माण में देरी हो रही है। बरुकी तथा पीली चौकी पर बन रहे अंडर पास का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
अवरोधों के कारण भी हुई देरी
हाईवे निर्माण में कई स्थानों पर धरने प्रदर्शन होने के कारण देरी हुई। ग्राम नसीरी के ग्रामीणों ने बाईपास पर काम अगस्त 2022 से रोक रखा है।बरूकी में लगभग एक महीने तक धरना प्रदर्शन हुआ। इसके बाद हफ्ता भर काम बंद रहा। इसके कारण भी कई स्थानों पर हाईवे निर्माण में देरी हुई।
क्या कहते हैं क्षेत्र के लोग
व्यापार मंडल कोतवाली देहात के अध्यक्ष वीरपाल सिंह ने कहा कि कोतवाली देहात में बनने वाले ओवर ब्रिज के लिए काफी संघर्ष किया गया। निर्माण शुरू हो गया है। कार्य शीघ्र पूरा होना चाहिए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अरविंद विश्नोई ने कहा कि सड़क निर्माण में देरी हुई है। इससे आने जाने वाले यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। राजमार्ग का निर्माण शीघ्र पूरा होना चाहिए।
ग्रामीण प्रदीप गौतम ने कहा कि सड़क पर उड़ रही धूल तथा जगह-जगह तोड़ देने से मार्ग से गुजरना कठिन हो रहा है। अपेक्षाकृत धीमी गति से चल रहा है। ग्रामीण अभिषेक ने बताया कि सड़क में बेहद गड्ढे हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क का निर्माण जल्दी होना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।