इस बार अभी तक एक भी इकाई नहीं हो सकी शुरू
संचालकों का आरोप, सरकार की ओर से नहीं मिल रहा प्रोत्साहन
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। तहसील क्षेत्र में 142 लोगों के पास खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस हैं। मगर, इनमें से अब तक करीब 117 इकाइयां सरकार की ओर से प्रोत्साहन न मिलने के कारण दम तोड़ चुकी है। और भी कई इकाइयां ऐसी है, जो दम तोड़ने के कगार पर है। पिछले साल केवल 25 इकाइयां चली थी, लेकिन वर्तमान सीजन में कोई भी संचालन शुरू करने हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।
सहायक चीनी आयुक्त नीरज कुमार ने बताया कि धामपुर क्षेत्र में धामपुर, अफजलगढ़, स्योहारा व चांदपुर क्षेत्र में करीब 142 लोगों पर गन्ना क्रेशरों के लाइसेंस है। मगर, इनमें से अभी तक किसी ने भी अपनी इकाइयों को चालू करने की हिम्मत नहीं की है। पिछले साल मात्र 25 इकाइयां चली थी और जल्द बंद हो गई थी। क्रेशर स्वामियों नरेंद्र कुमार, विजय कुमार, बलकरन सिंह का कहना है कि सरकार की बेरुखी के कारण इकाइयों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। मृत हो चुकी इकाइयों को जीवित रखने के लिए अभी तक भी सरकार की कोई भी प्रोत्साहन योजना चालू नहीं की गई है। इस कारण संचालक इकाइयां चालू करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे है।
चीनी मिलों के सामने इकाइयों को जीवित रख पाना बड़ी चुनौती
बिजनौर जिले नौ चीनी मिलें है। चीनी मिलों का लगातार विस्तार हो रहा है। ऐसे में खांडसारी इकाइयों को जीवित रख पाना बड़ी चुनौती है। इकाइयों के बंद होने से भवन भी खंडहर में तब्दील हो चुके हैं।
पहले जल्द शुरू हो जाती थी खांडसारी इकाइयां
एक समय था, जब गन्ना क्रेशर चीनी मिलों के चालू होने से पहले शुरू हो जाते थे। चीनी मिलों के बंद होने के कई महीने बाद तक चलते थे। मगर, अब ऐसा देखने को नहीं मिलता।