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रिपोर्ट में फिट था पुल, पानी में बह गया पिलर

Sun, 24 Jul 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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नजीबाबाद में कोटद्वार ब्रांच लाइन पर सूकरो नदी पर बने रेल पुल के ट्रैक को हुई क्षति। - फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद कोटद्वार में रेलवे पुल का पिलर तेज पानी के बहाव में बह जाने से रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। प्रथम दृष्टया पानी के तेज बहाव में पुल का बहना माना जा रहा है। अभी पुल के बचाव का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही जांच भी चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। अगर रेलवे इस मामले में पहले ही गंभीरता दिखाता को यह घटना टाली जा सकती थी। जबकि वार्षिक रिपोर्ट में पुल की रिपोर्ट ओके दी गई थी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस मामले पर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अब जांच में इस खबर को शामिल किया जाएगा। 
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 नजीबाबाद कोटद्वार ट्रेन रूट पर शुक्रवार की रात तेज बारिश में सुकरो नदी पर बने रेलवे पुल का एक पिलर बह गया। घटना के बाद डीआरएम प्रमोद कुमार, रेलवे के चीफ ब्रिज इंजीनियर एमपी सिंह सहित तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुल बचाव और उसके निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया। लेकिन इस मामले में किसी को भी दोषी नहीं माना जा रहा है। प्रथमदृष्ट्या तेज बहाव को ही पिलर बहने का कारण माना जा रहा है। डीआरएम प्रमोद कुमार ने बताया कि तेज बहाव के कारण नीचे की गिट्टी बहने से पिलर की जड़ तक पानी गया जिसके कारण घटना हुई। हालांकि अभी इसकी जांच कराई जाएगी। अगर लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई भी निश्चित है। इससे संबंधित सभी दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। अमर उजाला की खबर को भी संज्ञान में लिया जाएगा। 
वार्षिक रिपोर्ट में ओके था पुल 
मुरादाबाद। दिसंबर मेें रेलवे के ब्रिज डिपार्टमेंट की टीम ने रूट पर निरीक्षण किया था। इसके अलावा डीआरएम ने वार्षिक निरीक्षण किया था। जिसमें ब्रिज की रिपोर्ट ओके थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीआरएम को अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में तेज बारिश के चलते पुल के नीचे ठोकरें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। उसे ठीक करने के लिए बोल्डर लगाए गए थे। तारकशी कर पत्थरों की दीवार बनाई गई। जो तेज बारिश के बहाव को झेल नहीं पाई।
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 इससे पहले ही वहां चौकीदार तैनात कर दिए गए थे। हालांकि चौकीदारों ने सक्रियता दिखाई और पुल को खतरे में आते देख तुरंत सूचना दे दी और ट्रेेनों का संचालन रोक दिया गया।
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