मंडावर के गांव ब्रह्मपुरी के रास्तों में तीन दिन से पानी भरा हुआ है। हाल यह है कि नाव ही यहां के गांव वालों के आवाजाही का जरिया बन गई है।
नहटौर में लगातार बारिश से नदियों का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। बान नदी का पानी गांव कोकापुर में जा घुसा है। गांवों में कई कच्चे मकान भरभरा कर गिर गए। कई मकानों के मलबे में सामान दबने से नुकसान हो गया है। कई गांव में पानी भरने से नाव के द्वारा आवागमन हो रहा है।
गांगन व बान नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों के मुताबिक बान नदी पर अवैध कब्जा करने से पानी का बहाव रुक गया है। एक ईंट भट्ठा मालिक ने बान नदी पर छोटी पुलिया बनाकर अवरोध पैदा कर दिया है, जिससे नदी का पानी गांव में घुस गया है। कई घरों में पानी पहुंच गया है। गांगन नदी में भी लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। बारिश से गांव फैजपुर झबरे सिंह, छोटे सिंह और जरीफपुर में चंद्रपाल सिंह, गांव ढकौली में सुशील शर्मा का मकान भर भराकर गिर गया। जान बचाई, मलबे में कई घरों का सामान दब गया। मकान गिरने से पड़ोसियों के घरों में शरण लेनी पड़ रही है। ढकोली में ही हेमराज, सुक्खे, राकेश, बाबूराम, आशु की मकानों की छत की दीवारें गिर गईं। वहीं बिजनौर में मंडावर में बिजनौर-हरिद्वार मार्ग पर मालन नदी के रपटे पर दो फीट तक पानी बह रहा है। पानी की धारा बहुत तेज है।
रपटे के दोनों ओर पोल तो सालों पहले गाड़ दिए गए हैं, लेकिन रेलिंग अब तक नहीं लगाई गई है। इस रपटे पर आने जाने वालों को चेतावनी दी जा रही है। सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मंडावर की ओर से आया एक बाइक सवार पुल पार करने लगा। पुल पार करने के दौरान वह पानी की तेज बहाव में बह गया। इसका पता चलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर विनीत श्रीवास्तव, तहसीलदार पंकज दीक्षित मौके पर पहुंच गए। युवक की तलाश के लिए अभियान चलाने की तैयारी की जा रही थी। उधर,कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव बरुकी निवासी 60 वर्षीय तारे सिंह अपनी पत्नी मुन्नी के साथ कच्चे मकान में रहते थे। सोमवार को कई घंटे हुई तेज बारिश से सोमवार सुबह तारे सिंह के वर्षा के कारण प्रात: तारे सिंह की कच्चे मकान की दीवार गिर गई, जिसमें दंपति घायल हो गए। प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले जाया गया। प्रधान ब्रह्मपाल सिंह ने घटना की सूचना हल्का लेखपाल को दी सूचना पर हल्का प्रेम प्रताप सिहं मौके पर पहुंचा। मंडावर क्षेत्र के गांव दयालवाला में ऋषिपाल व उसकी पत्नी सुधा मंदिर जाने के लिए जैसे ही घर से बाहर निकले, उनके मकान की छत भरभराकर गिर गई।