- जायरिनों ने छुरियों का मातम कर शरीर को किया लहूलुहान
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संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला की जंग के दौरान हुई शहादत को जायरिनों ने नम आंखों से याद किया। मातमी मजलिसों में कर्बला के शहीदों पर हुए जुल्म के किस्से सुनकर सोगवारों ने सीनाजनी कर मातम का इजहार किया।
दरगाह-ए-आलिया नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी में चार रोजा मजलिसों के अंतिम दिन छुरियों के मातम, अलम जुलूस बरामद होने और शम्सुल हसन हॉल से मातमी मजलिसों से वातावरण गमगीन रहा। दरगाह परिसर में हर तरफ या अली, मौला अली..., मर्सिया और नोहा ख्वानी की गूंज देर शाम तक उठती रही। दरगाह परिसर में रविवार सवेरे से ही मातमी जुलूस बरामद होने का सिलसिला जारी रहा। अंजुमन फरोगे अजा ज्वालापुर ने मातमी जुलूस के दौरान छुरियों का मातम किया। अंजुमन अब्बासिया मंगलौर सहित कई अंजुमनों ने अंतिम दिन अलम और जुलजना के मातमी जुलूस बरामद किए।
दरगाह कमेटी के अध्यक्ष इरम अली जैदी, सचिव मो. अब्बास, संयुक्त सचिव मौलाना कसीम अब्बास के नेतृत्व में आयोजित चार दिवसीय मातमी मजलिसों में शिरकत के लिए आए जायरीनों ने मौला अली की दरगाह नजराना-ए-अकीदत पेश कर मन्नतें मांगी। सैय्यद राजू और अन्य रोजों पर जाकर जायरीनों ने इबादत की।
शिया विद्वानों ने दिया दीन पर चलने का पैगाम
दरगाह परिसर के शम्सुल हसन हॉल से अंतिम दिन नसीमुल बाकरी के संचालन में कोलकाता से आए मौलाना शब्बीर वारसी, मेरठ से आए मौलाना शेर अली, सांखनी से आए मौलाना सैय्यद अजादार ने मजलिस को खिताब करते हुए दीन, ईमान और इंसानियत की राह पर चलने, परस्पर सद्भाव और राष्ट्र की एकता अखंडता के लिए वफादार रहने की सलाह दी। रविवार रात महफिल-ए-मसालमा से दरगाह परिसर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध मातमी मजलिसों का समापन होगा।
चेयरमैन इंजीनियर मौअज्जम पहुंचे दरगाह
नगर पालिका परिषद नजीबाबाद के चेयरमैन इंजीनियर मौअज्जम ने जोगीरम्पुरी दरगाह पहुंचकर दरगाह कमेटी के सचिव मोहम्मद अब्बास, संयुक्त सचिव कसीम अब्बास से मुलाकात की। चेयरमैन ने विश्व प्रसिद्ध दरगाह पर मजलिस आयोजन के लिए सफाई, पेयजल और चिकित्सा सुविधा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चेयरमैन के साथ इंजीनियर राशिद, शेख अनीस ठेकेदार मौजूद रहे।