- उप्र मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत दिया गया प्रशिक्षण
बिजनौर। बाल हठ के सहारे घर-घर में मोटे अनाज की अलख जगाई जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग की ओर स्कूलों के शिक्षकों एवं छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि ये छात्र अपने अभिभावकों को मोटे अनाज के लाभ, उपयोगिता, फायदे बताए। खासकर जिन बच्चों के अभिभावक किसान हैं, वह अपने अभिभावकों को मोटे अनाज की बुवाई करने के लिए प्रेरित करें।
उप्र मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम योजनांतर्गत मोटे अनाज के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग की ओर से मोटे अनाज की पैदावार करने के लिए किसानों को मेले, गोष्ठी व अन्य माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है। साथ ही कृषि विभाग की ओर से मोटे अनाज की मिनी किट किसानों को उपलब्ध कराई गई हैं। इसी क्रम में कृषि विभाग व प्रशासन की ओर से गत सप्ताह उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम योजनांतर्गत स्कूलों के अध्यापकों व विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया था। शिक्षक अपने स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को मोटे अनाज का लाभ आदि के बारे में बताएं। ताकि किसान परिवार के छात्र अपने अभिभावकों को इसके लाभ बताते हुए इन फसलों की बुवाई करने को प्रेरित करें।
विशेष विशेषज्ञ हरज्ञान सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को मोटा अनाज के बारे में सभी जानकारी उपलब्ध कराई गई। ताकि विद्यार्थी अपने अभिभावकों को मोटे अनाज के प्रति जागरूक करें।
उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार मोटे अनाज का क्षेत्रफल बढ़वाया जा रहा है। किसानों को मोटे अनाज के लाभ, बुवाई की विधि व समय आदि के बारे में बताया जा रहा है।