बिजनौर में रालोद की बैठक में पेद्दा कांड में निर्दोष लोगों को फंसाए जाने की निंदा की गई। ग्राम प्रधान दिलावर सिंह व उसके पुत्र प्रफल्ल कुमार को झूठा फंसाए जाने पर चिंता जताई। बैठक में तय किया गया कि यदि प्रशासन ने 10 दिन के भीतर बेगुनाह लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए तो रोलाद आंदोलन करेगा।
प्रदेश महासचिव राहुल सिंह की अध्यक्षता व सुमित चौधरी के संचालन में आयोजित रालोद की बैठक में वक्ताओं ने पेद्दा के ग्राम प्रधान दिलावर सिंह व उसके पुत्र प्रफुल्ल कुमार को तिहरे हत्याकांड में फंसाने का आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि दिलावर सिंह ग्राम प्रधान के रूप में अच्छा काम कर रहे थे। उन्होंने पेद्दा कांड की जानकारी पुलिस को भी फोन पर दी थी। इसके बावजूद भी पुलिस ने उन्हें गलत तरीके से फंसाया है। वक्ताओं ने मामले में बेगुनाहों को निकालने की मांग की।
कहा कि पेददा कांड की सीबीआई जांच होनी चाहिए। वक्ताओं ने दस दिन के भीतर बेगुनाहों के नाम पेद्दा कांड से नहीं निकाला गया तो आंदोलन करने की चेतावनी दी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि गांव पेदा में पशुओं को चारे की व्यवस्था कराई जाए। गांव के लोग सहमे हैं तथा पशु पालक जंगल चारा लेने जाने से भी कतरा रहे हैं। प्रीतम सिंह, छतरपाल सिंह, राहुल सहरावत, रोहित कुमार, राजीव भुइयार, एमपी सिंह, प्रधान संजीव कुमार, प्रधान राजकुमार आदि ने विचार रखे।
उधर, चांदपुर में अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति की बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष ओमप्रकाश तोमर ने गांव पेद्दा में घटित घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। प्रांतीय अध्यक्ष ने निर्दोष लोगों को हत्याकांड में नहीं फंसाने की मांग की है। प्रांतीय अध्यक्ष ने बिजनौर नगर में डॉ. बागेश के क्लीनिक पर पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर नीरज चौधरी, तरुण त्यागी, एमएस त्यागी, प्रहलाद सिंह आदि मौजूद रहे।