-जिले के किसान तकनीकी व वैज्ञानिक विधि से कर रहे खेती
-डीएम, वैज्ञानिक, कृषि अफसरों ने पैडी ट्रांसप्लांटर से धान रोपाई देखी
ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। जिले के किसानों ने पारंपरिक खेती की विधि छोड़कर वैज्ञानिक व तकनीकी विधि अपनाई। तकनीकी के प्रयोग से न सिर्फ खेती करना आसान हुआ, बल्कि किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हो गई। जिले के किसान पैडी ट्रांसप्लांटर से धान रोपाई कर रहे हैं। वहीं गन्ने की बड़ी फसल में ड्रोन से खाद, कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव हो रहा है। गत बृहस्पतिवार को डीएम ने अफसरों के साथ पैडी ट्रांसप्लांटर से धान रोपाई देखी थी।
बिजनौर के कोतवाली ब्लाक के गांव हरगनपुर निवासी किसान शरद कुमार ने पैडी ट्रांसप्लान्टर से धान की रोपाई की। किसान शरद कुमार ने करीब 40 एकड़ में पैडी ट्रांसप्लांटर से धान की पीबी-1121 एवं पीबी-1718 की रोपाई कराई। किसान ने बताया कि खेती करने में मजदूरों की समस्या है। मजदूरों से जो कार्य कई दिन में होता व मशीन जल्द कर रही है।
उप कृषि निदेशक गिरीश चंद व जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतियां ने बताया यह मशीन एक दिन में छह एकड़ रोपाई आसनी कर देती है। मजदूरी लागत खर्च कम और उत्पादन ज्यादा होगा। जिले के अन्य किसानों ने इस प्लांट से धान की रोपाई कराई है।
किसान शरद कुमार प्राकृतिक तरीके से खेती करते आ रहे हैं। किसान ने डीएम व अन्य अफसरों को बताया कि धान एवं उदड़ आदि खेती प्राकृतिक तरीके से करते आ रहे हैं।
गन्ना फसल पर ड्रोन से छिड़काव
बिजनौर गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। यहां दो लाख 66 हजार हेक्टेयर में गन्ना खेती हो रही है। वर्तमान में गन्ना फसल का उत्पादन अच्छा व लागत कम के लिए ट्रैंच विधि, सहफसली खेती आदि से खेती हो रही है। गन्ना फसल बड़ी होने से किसान खेतों खाद, कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करने में परेशानी होती थी। अब किसान ड्रोन से बड़ी फसल में खाद, कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं।
गन्ने के रेड रॉट रोग के बचाव एवं उन्मूलन के लिए ड्रोन से छिड़काव अभियान जारी किया गया। ड्रोन से समय, पानी, श्रमिक की बचत हो रही है। ड्रोन से केवल 10 लीटर पानी के घोल से लगभग 8 से 10 मिनट में एक एकड़ खेत का छिड़काव हो जाता है। -पीएन सिंह, डीसीओ बिजनौर