बिजनौर में प्रशासन ने गन्ने की तस्करी रोकने के लिए कवायद शुरू कर दी हैं। गंगा किनारे का खादर क्षेत्र समेत करीब आधा दर्जन इलाके गन्ना तस्करी के लिए अति संवेदनशील चिह्नित हैं।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार पेराई सत्र शुरू होते ही गन्ना तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। जिले से गन्ना मुरादाबाद, जेपीनगर के शुगर मिलों समेत उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों को सप्लाई होता है। खादर क्षेत्र में गन्ना तस्कर चोरी छिपे अपने कांटे लगाकर दलालों के माध्यम से गन्ना खरीदते हैं। पिछले पेराई सत्र में गन्ना विभाग की छापामार टीमों ने करीब 2500 क्विंटल अवैध गन्ना पकड़ा था। चांदपुर क्षेत्र में सबसे अधिक गन्ना पकड़ा गया। गन्ना तस्करी की नौ एफआईआर कराई गई थी। प्रशासन गन्ना तस्करी रोकने के लिए पूरी तरक चाक चौबंद है। शुगर मिल क्षेत्रवार टीम गठित की जा रही हैं। बालावाली से लेकर चांदपुर गंगा किनारे क्षेत्र के साथ नहटौर, गंज, रावली, जलीलपुर, नारनौल, चंदक क्षेत्र गन्ना तस्करी के लिहाज से चिह्नित संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।