बिजनौर में शिक्षक ने स्वयं ही बीएसए के हस्ताक्षर कर सैलरी सर्टिफिकेट जारी कर लोन लेने के लिए बैंक में प्रस्तुत कर दिया। बैंक द्वारा सत्यापन कराने पर मामला पकड़ में आया है।
नगीना के प्राथमिक विद्यालय मुकरपुरी के सहायक अध्यापक सुरेश कुमार ने पर्सनल लोन लेने के लिए जमा किए सैलरी सर्टिफिकेट पर स्वयं ही बीएसए के हस्ताक्षर कर लिए। बैंक की ओर से बीएसए कार्यालय में सत्यापन के लिए भेजे गए पत्र के सत्यापन में मामला पकड़ में आया। बीएसए के हस्ताक्षर 13 अगस्त 2016 के हैं। उस समय बीएसए संजय कुमार कुशवाहा थे। सत्यापन के लिए आए प्रमाण पत्र में बीएसए के हस्ताक्षर मैच नहीं हुए। विभाग की माने तो सैलरी सर्टिफिकेट वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय या खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी किया जाता है, जबकि शिक्षक द्वारा लगाया गया प्रमाण पत्र बीएसए का है। दूसरी ओर, तत्कालीन बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने जिले के किसी भी शिक्षक को सैलरी सर्टिफिकेट जारी नहीं किया है। यदि किसी ने ऐसा किया है तो गलत है। बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बीएसए महेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।