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गन्ना भुगतान के बजाए मिला ‘चाय-पानी’ का आश्वासन

Fri, 11 Jan 2019 12:04 AM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
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बिजनौर में शुगर मिल की चेन में खड़े होकर प्रदर्शन करते आकियू के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में  वेब ग्रुप की बिजनौर चीनी मिल द्वारा पिछले पेराई सत्र का भुगतान न किए जाने के विरोध में किसानों ने चीनी मिल पर जमकर हंगामा किया। किसान मिल की चलती चेन पर कूद गए और मिल बंद करा दी। मिल अधिकारियों ने सोफ्ट लोन न होने का हवाला देकर किसानों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था करने को कहा तो किसान भड़क गए।
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बिजनौर चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का 26.50 करोड़ रुपया बकाया है। चीनी मिल ने भुगतान करने के लिए दस जनवरी तक का समय मांगा था, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को आजाद किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने मिल गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने डेढ़ बजे तक गन्ना भुगतान करने को कहा, लेकिन कोई प्रशासनिक या मिल का अफसर बात करने के लिए किसानों के बीच नहीं पहुंचा। इससे आक्रोशित किसान नारेबाजी करते हुए मिल के अंदर पहुंच गए और राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, प्रदेश संरक्षक एमपी सिंह, जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, शीशराम सिंह, राम सिंह, नरेंद्र सिंह, परमेंद्र सिंह, हेमेंद्र सिंह, हाजी शकील, राजवीर सिंह, मुस्तफा आदि दो दर्जन से अधिक किसान करीब डेढ़ बजे मिल की चलती चेन में कूद गए।
किसानों के मिल की चेन में कूदते ही मिल बंद कर दी गई। किसानों ने मिल में खड़े वाहनों पर संगठन के बैनर लगा दिए और पंचायत करके बैठ गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों का शोषण करने   की हद हो गई है।
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किसानों को भुगतान के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। किसानों ने वार्ता करने आए मिल के जीएम इसरार अहमद, गन्ना सचिव संजीव मोहन को भी अपने बीच बैठा लिया। जीएम इसरार अहमद ने कहा कि शासन ने मिल को सोफ्ट लोन नहीं दिया है। सोफ्ट लोन की फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मिल इस मामले में हाईकोर्ट जा रही है। उन्होंने कहा कि मिल की ओर से किसानों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था की जा रही है। यह सुनकर किसान भड़क गए। उन्होंने कहा कि वे मिल में चाय पानी नहीं बल्कि अपना गन्ना भुगतान लेने आए हैं। किसानों ने भुगतान न होने तक मिल चलाने से इंकार कर दिया। धरने में संजीव, सतेंद्र राठी, मोंटी चेयरमैन, सुभाष काकरान, प्रमोद कुमार, करतार सिंह, हरपाल सिंह, मुकेश, दिलावर आदि किसान मौजूद रहे। चीनी िमल पर गन्ना लेकर पहुंचे किसानों की मांग पर आठ बजे मिल चालू हो गई।

डीसीओ, मिल अफसरों को बनाया बंधक
बिजनौर में राष्ट्रीय किसान    मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों का कलक्ट्रेट में धरना  दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों   ने वार्ता करने आए गन्ना   अधिकारी व मिल के अफसरों   को बंधक बनाकर अपने बीच    बैठा लिया। किसानों ने शत   प्रतिशत गन्ना भुगतान न होने तक आंदोलन पर रहने की बात कही। बुधवार रात को भी किसान कलक्ट्रेट में ही डटे रहे।    किसानों से वार्ता करने के लिए तमाम मिल अधिकारी  आते रहे। शाम को जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह धामपुर, चांदपुर, बिलाई व बरकातपुर चीनी मिल के अफसरों के साथ किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने उन्हें बंधक बनाकर अपने बीच बैठा लिया। कहा कि मिल अधिकारी किसानों के हित का कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर प्रशासनिक व मिल के अफसरों को एक एक साल बाद वेतन मिले तो उन्हें पता चले घर का खर्च कैसे चलता है। कहा कि किसानों की भुगतान की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस दौरान प्रदेश महासचिव कैलाश लांबा, जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, अचल शर्मा, होरी सिंह, कपिल, हरि सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

एसडीएम बोले, किसानों की मांग जायज
धरने में एसडीएम बृजेश कुमार और सीओ सिटी महेश कुमार भी पहुंचे। एसडीएम ने मिल अधिकारियों से कहा कि किसानों की मांग जायज है। उन्हें हाईकोर्ट की कार्रवाई से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने ग्रुप की आय के किसी भी साधन से एक घंटे के अंदर भुगतान कराने को कहा। कहा कि समय से भुगतान नहीं होने पर ही किसानों को कर्ज लेना पड़ता है। किसानों को भुगतान कराने में विफल प्रशासन किसानों की कर्ज की फाइलों पर भी पेन चला दे, फिर किसान मिल से भुगतान नहीं मांगेंगे। किसानों के मिल बंद कराने से गन्ना तुलवाने आए किसानों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी। वे पदाधिकारियों से कहते रहे कि वे कई घंटे से मिल में खड़े हैं। मिल बंद होने से उन्हें और कई घंटे मिल में रहना पड़ेगा।

गन्ना भुगतान के लिए दिया धरना        
चांदपुर में शिवसेना कार्यकर्ताओं व किसानों ने सहकारी गन्ना समिति परिसर   में धरना देकर गन्ना भुगतान दिलाने व किसानों को पर्ची जारी करने की    मांग की। बृहस्पतिवार को शिवसेना कार्यकर्ता व किसानों ने सहकारी गन्ना समिति परिसर में पंडित नरेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता व मोनू यादव के संचालन में धरना दिया। धरने पर शिवसेना मंडल प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने कहा कि किसान भुखमरी की कगार पर है। किसानों को गत वर्ष का गन्ना मूल्य भुगतान अभी तक नहीं हुआ। नए सत्र में मिल को चले करीब तीन   माह हो गए लेकिन किसानों को एक भी रुपये नहीं मिला। धरने पर महेंद्र चौहान, शक्ति यादव, अंकुर यादव, मुनिदेव सिंह, सरदार सिंह, बंटी सहरावत, मंजीत कुमार, सुभाष यादव, कपिल यादव, रिसाल सिंह, यादराम सिंह, राम सिंह, आकाश पाल सिंह आदि मौजूद रहे। ब्यूरो           
भाकियू का तहसील पर धरना जारी          
चांदपुर में गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर भाकियू का तहसील पर चल रहा धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की अध्यक्षता व कल्याण सिंह के संचालन में चले धरने पर वक्ताओं ने गन्ना भुगतान को लेकर किसानों से 12 जनवरी को होने वाली महापंचायत में पहुंचने का आह्वान किया। धरने को अखिल भारतीय किसान सभा ने भी अपना समर्थन दिया। किसानों से अपने कार्यकर्ताओं से 12 जनवरी को धरने पर पहुंचने का आह्वान किया। धरने पर रामपाल सिंह, लुधियान सिंह, तेजवीर सिंह, दयाराम सिंह, सुरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, नैन सिंह, नरेश कुमार, अरुण कुमार, रोहिताश सिंह, राजवीर सिंह, धूम सिंह, लक्ष्मीकांत शर्मा, महीपाल सिंह, हरिराज सिंह आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
घटतौली पर अंकुश लगाने की मांग
नगीना में भारतीय किसान यूनियन अंबावत की तहसील स्तरीय बैठक में किसानों के गन्ना भुगतान समेत विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। गांव लालवाला में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष विजय सिंह सहरावत ने   कहा कि किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान शीघ्र होना चाहिए।    गन्ना मिलों द्वारा की जा रही घटतौली पर तत्काल अंकुश लगाया जाए, सरकार द्वारा जो बिजली की दर बढ़ाई गई हैं उन्हें वापस लिया जाए।     बैठक में 60 वर्ष की आयु से ऊपर के किसानों को मासिक पेंशन दी    जाए। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान     नहीं किया जाएगा तो यूनियन आंदोलन करेगी। बढ़ापुर ब्लॉक अध्यक्ष मलकीत सिंह के संचालन में हुई बैठक को रोहिताश सिंह, प्रीतम सिंह, रामकरण सिंह, जसवीर सिंह, टीकाराम आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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