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देखते ही देखते नदी के उफान में बह गया टैंकर

Sat, 25 Aug 2018 12:39 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
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नजीबाबाद में कोटावाली नदी की तेजधारा में बहता टैंकर। - फोटो : अमर उजाला
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भागूवाला में कोटावाली नदी के उफान में एक तेल टैंकर नदी में बह गया। प्रशासन और एसडीआरएफ उत्तराखंड की रेस्क्यू टीम ने टैंकर चालक सहित चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया। कोटावाली नदी के उफान से भारी वाहनों के लिए बनाया गया रपटा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
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पहाड़ी क्षेत्रों के साथ मैदानी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से भागूवाला क्षेत्र से गुजरने वाली कोटावाली नदी में अचानक उफान आ गया। कोटावाली नदी पर बने पुल के निकट भारी वाहनों के आवागमन के लिए हाल ही में   बनाए गए नवनिर्मित रपटे पर तेजी से पानी आ गया। रपटे पर लगातार पानी बढ़ने की स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड दिशा से भारी वाहनों को रपटे से न गुजरने के निर्देश के बावजूद भारत    पेट्रोलियम के टैंकर चालक ने नदी के उफान के बीच रपटे से गुजारना चाहा। जैसे ही टैंकर नजीबाबाद दिशा की ओर बढ़ा तभी नदी के उफान से क्षतिग्रस्त हुए रपटे में टैंकर फंस गया।
कोटावाली नदी का उफान लगभग 8:30 बजे तेजी से बढ़ने से टैंकर व उसमें सवार चालक बबलू सहित चार लोग टैंकर सहित नदी में बह गए। तेल टैंकर के कोटावाली नदी में बहने की सूचना मिलते ही   एसडीएम डॉ.पंकज कुमार वर्मा, सीओ अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार सुरेश कुमार, थाना मंडावली प्रभारी राजीव त्यागी घटनास्थल पर पहुंच गए। कोटावाली रपटे पर उत्तराखंड दिशा में मौजूद उत्तराखंड की एसडीआरएफ टीम भी मौके पर पहुंच गई। दोनों प्रदेशों की रेस्क्यू टीम ने पानी में बहे टैंकर चालक सहित चार यात्रियों को सकुशल बचा लिया। नदी का बहाव इतना तेज था कि नदी का उफान टैंकर को करीब डेढ़ किलोमीटर तक बहा ले गया। टैंकर खाली था, जो हरिद्वार से नजीबाबाद की ओर ओर आ रहा था। एसडीएम ने कहा कि पानी उतरने के बाद टैंकर को निकाल लिया जाएगा। अभी पानी धीरे-धीरे उतर रहा है।
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स्कूल की दीवार तोड़कर घुस गया पानी
नजीबाबाद में अमर उजाला ने 24 अगस्त के अंक में ‘प्राथमिक स्कूल पर मंडरा रहा खतरा’ शीर्षक से प्रमुखता से कोटावाली स्कूल का समाचार प्रकाशित किया था। समाचार पढ़कर प्रशासन प्रभावी कदम उठाने के लिए दिशा निर्देश दे रहा था, इसी बीच कोटावाली नदी ने शुक्रवार की प्रात: 8:30 बजे विकराल रूप ले लिया। नदी के कहर से स्कूल की बाउंड्रीवॉल धराशायी हो गई। कोटावाली का पानी दीवार को गिराते हुए स्कूल के मैदान में प्रवेश कर गया।  एसडीएम डॉ.पंकज कुमार वर्मा और बीईओ ईशक लाल ने मुख्य अध्यापक को प्राथमिक स्कूल कोटावाली में फिलहाल छुट्टी करने के निर्देश दिए हैं। कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति और अमर उजाला में स्कूल पर खतरा मंडराने की   खबर के बाद शुक्रवार को स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया था। इसी बीच नदी ने कहर बरपा दिया।
नदी के तेज बहाव में फसलें हुईं बर्बाद  
नजीबाबाद में कोटावाली नदी के उफान से कोटावाली और सबलगढ़ क्षेत्र के किसानों की धान और सब्जी की फसल बर्बाद हो गई। कई कच्चे मकानों को    भी क्षति पहुंची। कोटावाली में मूलचंद, कलीराम और बाबूराम सहित कई काश्तकारों की मूंगफली और धान की फसल नदी में समा गई। सबलगढ़   क्षेत्र में अकबर, रशीद, वरीशू सहित कई किसानों की धान की फसल और   पॉपलर के वृक्ष जमींदोज हो गए।

परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
भागूवाला में कोटावाली नदी के उग्र रूप से लगातार हो रहे कटान को देखते हुए एसडीएम और सीओ ने कोटावाली नदी के तटीय क्षेत्र में रह रहे 20 परिवारों को तत्काल वहां से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। एसडीएम ने बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम को कोटावाली क्षेत्र का सर्वे कर गांव और स्कूल क्षेत्र की ओर तेजी से हो रहे कटान को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
लाखों की लागत से बना रपटा चंद दिन भी नहीं चल सका
भागूवाला। कोटावाली नदी पर बने मुख्य पुल से अगस्त 2017 से पुल में तकनीकी खराबी आने के कारण पुल से भारी वाहनों का आवागमन बंद है। भारी वाहनों के आवागमन के लिए पहले वैकल्पिक रपटा बनाया गया था। हाल ही में राधा कंस्ट्रक्शन   कंपनी ने पक्का रपटा निर्मित कराया था। लाखों की लागत से बने रपटे से हाल ही में भारी वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। शुक्रवार को कोटावाली नदी के विकराल रूप ने पक्के रपटे को   कई स्थानों से क्षतिग्रस्त कर दिया। क्षतिग्रस्त रपटे से पानी उतरने के बावजूद आवागमन शुरू नहीं हो सका था।  
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