धामपुर/शेरकोट। घने कोहरे के कारण हाईवे पर कार और टैंकर की जबरदस्त भिड़ंत में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को कार से बाहर निकाला। घटनास्थल से टैंकर चालक फरार हो गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
देहरादून के गांव मोतीपुर (प्रेमनगर) निवासी रिटायर्ड फौजी हयात सिंह (40) बुधवार सवेरे कार से परिवार के साथ गांव ग्यारह देवी, पोस्ट गुरना (पिथौरागढ़) जा रहे थे। कार में पत्नी जयवंती (40), पुत्र पंकज (10), पुत्री दिशा (21) और आशीष पुत्र कृष्ण कुमार (25) सवार थे।
घने कोहरे के कारण शेरकोट थाने के घोसियोवाला के निकट अफजलगढ़ की ओर से तेज रफ्तार से आ रहे अनियंत्रित तेल के टैंकर ने कार में सामने से टक्कर मार दी। हादसे में कार में सवार हयात सिंह, जयवंती, पंकज और आशीष की मौके ही मौत हो गई।
जबकि दिशा गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। हाईवे दोनों तरफ से जाम हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से कार में पड़े शवों को बामुश्किल बाहर निकाला।
गंभीर हालत में घायल युवती को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से उसकी हालत नाजुक देखते हुए धामपुर के दमयंती अस्पताल में भर्ती किया गया।
पुलिस ने कार से शवों को निकालकर धामपुर मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मृतक हयात सिंह के भतीजे नितेश सिंह की तहरीर पर अज्ञात आरोपी टैंकर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने देर शाम परिजनों के पहुंचने पर मृतकों के पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। शाम तक शव मोर्चरी में ही रखे थे।
परिजन शवों को देहरादून ले जाने की तैयारी कर रहे थे। उधर, एसओ धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी टैंकर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। परिजन शवों को देहरादून लेकर जा रहे हैं। घायल युवती की हालत खतरे से बाहर है।
पलभर में उजड़ा परिवार
धामपुर। घने कोहरे ने टैंकर और कार की टक्कर के बाद चार जिंदगी एक ही पल में छीन ली। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत परिवार में हाहाकार मच गया। मां-बाप और भाई की मौत के बाद परिवार में इकलौती बेटी ही बची है।
पूरे परिवार की कार में मौत के बाद प्रत्यक्षदर्शियों कलेजा बाहर आ रहा था। खून से लहूलुहान हाईवे कुछ देर के लिए सन्न था। देहरादून से पूरा परिवार पिथौरागढ़ के गांव ग्यारह देवी में देवी की पूजा अर्चना में शामिल होने जा रहा था।
किसी ने ये सोचा भी नहीं था जो परिवार पूजा अर्चना में शामिल होने के लिए जा रहा है, उसके साथ भयानक हादसा होगा। चारों की मौत के बाद कोई भी दूर दूर तक अपना नहीं था। इकलौती बेटी गंभीर हालत में थी। उसे पुलिस ने जैसे तैसे अस्पताल में भर्ती कराया।
दोपहर बाद पुलिस द्वारा सूचना देने पर परिजन देहरादून और पिथौरागढ़ से सीएचसी पहुंचे। लाशों को देख परिजनों के होश उड़ गए। देर शाम परिजन शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए देहरादून लेकर रवाना हो गए।
बेटी का कोई नहीं बचा सहारा
एक ही परिवार में पिता, मां और भाई की मौत के बाद बेटी का कोई दूसरा सहारा नहीं बचा। अब उसका जीवन रिश्तेदारों के भरोसे रह गया है। परिवार में दो भाई बहन थे।
भरापूरा पूरा परिवार खुशहाल जीवन जी रहा था। गुजरात से फौज में हवलदार के पद से रिटायर्ड होने के बाद परिवार देहरादून में शिफ्ट हो गया था। जब पैतृक गांव पिथौरागढ़ में है। दोनों भाई बहन देहरादून में शिक्षा अर्जित कर रहे थे।
परिजनों के अनुसार दोनों भाई बहन मेधावी हैं। देर शाम तक युवती को होश नहीं आ पाया था।
ओवरटेक न करता तो बच जाती जिंदगी
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कोहरे में तेज रफ्तार से जा रहा टैंकर चालक यदि वाहनों की लंबी कतार के बाद टैंकर को ओवरटेक न करता तो कार में सवार चार जिंदगियों को खरोंच तक न आती।
मगर चालक की जल्दीबाजी के कारण चार जिंदगी मौत के आगोश में सो गई। आरोपी चालक बिना सोचे समझे कोहरे में ही बिना लाइट जलाए टैंकर को दूसरी साइड ओवरटेक करने लगा। जिस कारण यह भयानक हादसा हुआ।