बांस निर्मित सामान बनाने में जुटे नोटबंदी से परेशान मजदूर।
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नोट बंदी से जहां मध्य वर्ग परिवार को परेशानी से गुजरना पड़ रहा है, वहीं मजदूरी करने वाले परिवारों को भी आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां लोग बैंकों की लाइन में लगने को मजबूर है वहीं, दूसरी ओर मजदूरी करने वालों को काम न मिलने से खाने तक के लाले पड़े हैं।
नजीबाबाद की बांस मंडी बांस से बनने वाली वस्तुओं के लिए दूर दूर तक पहचान रखती थी। यहां 60 से 70 परिवार चिक, टोकरी, चटाई, कांवड़ आदि का वर्षों से निर्माण करते आ रहे हैं।
महाशिवरात्रि और श्रावणी शिवरात्रि के लिए नजीबाबाद में वर्ष भर कांवड़ का निर्माण होता है, लेकिन नोट बंदी के कारण एक माह से बांस से जुड़े निर्माण कार्य ठप होने से कई परिवारों के सामने खाने-पीने के लिए भी आवश्यक धन जुटाना मुश्किल हो रहा है।