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स्वाइन फ्लू : चिकित्सकों ने लगाया मास्क, बेफिक्र मरीज

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बिजनौर के मेडिकल कॉलेज में फिजिशयन कक्ष के बाहर बिना मास्क के लगी मरीजों की लाइन। संवाद - फोटो : 1
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बिजनौर। जिले में भी स्वाइन फ्लू के केस मिल रहे हैं। मगर मेडिकल कॉलेज में गाइडलाइन के आदेश हवा-हवाई हैं। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि इलाज करने वाले चिकित्सक तो मास्क लगाए हुए नजर आए लेकिन मरीज मास्क लगाने से बेफिक्र रहे। बुधवार को पड़ताल में इसका खुलासा हुआ। लोग स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूक ही नहीं हैं। वहीं जिम्मेदार भी जागरूक करने में पीछे हैं।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर लगा दिए गए हैं। लेकिन मरीज और तीमारदारों को जागरूक करने में मेडिकल कॉलेज प्रशासन नाकाम साबित रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पंजीकरण काउंटर से लेकर ओपीडी कक्ष, दवा काउंटर तक मरीज बिना मास्क लगाए हुए नजर आए। इतना ही नहीं, लोगों के बीच दूरी भी नहीं थी। जबकि इनमें बुखार से पीड़ित मरीज भी थे। लाइन में खड़े कुछ मरीज छींकते हुए भी नजर आए। इससे साफ जाहिर है कि नियम सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गए हैं। उनका पालन नहीं कराया जा रहा है।

समय : सुबह नौ बजकर 25 मिनट
संवाद टीम मेडिकल कॉलेज के काउंटर कक्ष पर सुबह नौ बजकर 25 मिनट पर पहुंची। यहां ओपीडी पर्चा बनवाने के लिए मरीज और तीमारदारों की लंबी लाइन लगी हुई थी। हैरानी तब हुई जब सामने जागरूकता का पोस्टर का लगा हुआ है और मरीज बिना मास्क लगाए लाइन में खड़े थे। इतना ही नहीं, वह एक-दूसरे से सटे हुए खड़े दिखाई दिए।
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समय : सुबह नौ बजकर 29 मिनट टीम
सुबह नौ बजकर 29 मिनट पर मेडिकल कॉलेज के कमरा नंबर 132 में पहुंची। यहां त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रस्तोगी मास्क लगाकर मरीज देखते हुए नजर आए। साथ ही उनके कक्ष अटेंडेंट ने भी मास्क लगा रखा था। लेकिन मरीजों ने मास्क नहीं लगाया हुआ था।

समय : सुबह नौ बजकर 30 मिनट
मेडिकल कॉलेज के कमरा नंबर 125 में फिजीशियन बैठते हैं। यहां बुखार, खांसी, जुकाम, दर्द, पीलिया सहित अन्य बीमारियों के लिए परामर्श देते हैं। इस समय बुखार का प्रकोप है। 50 से 60 मरीज बुखार के पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद कक्ष के बाहर लगी लाइन में मरीज बिना मास्क लगाए नजर आए। इतना ही नहीं, उन्हें नियमों का पालन कराने वालों भी कोई नहीं दिखाई दिया। फिजिशियन कक्ष के बाहर ही स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा है।

समय : नौ बजकर 31 मिनट
टीम नेत्र रोग विभाग के बाहर पहुंची। यहां डॉ. अनुज मास्क लगाकर मरीजों को परामर्श देते दिखाई दिए। जबकि लाइन में खड़े मरीजों ने मास्क नहीं लगा रहा था। इतना ही नहीं, मरीजों के बीच ज्यादा दूरी भी नहीं थी। वहीं, हड्डी रोग विभाग में भी डॉ. अतुल यादव सहित अन्य चिकित्सक मास्क लगाकर ओपीडी में परामर्श देते दिखाई दिए। यहां भी हाल अन्य ओपीडी जैसा ही रहा। मरीजों के मुंह से यहां भी मास्क नदारद था।

सभी गार्ड्स और अटेंडेंट को मरीजों को मास्क लगवाने के बारे में निर्देशित किया जा चुका है। मुंह पर बिना रूमाल या मास्क ओपीडी में प्रवेश नहीं देने के लिए कहा गया है। मरीजों को समझाने में थोड़ी दिक्कत आ रही है। स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूकता के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। - सुनील मलिक, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर

बिजनौर के मेडिकल कॉलेज में फिजिशयन कक्ष के बाहर बिना मास्क के लगी मरीजों की लाइन। संवाद- फोटो : 1

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