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पोलिंग बूथ पर पुलिस से भिड़े समर्थक

Sat, 28 Nov 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
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नगीना। क्षेत्र के गांव पुरैनी स्थित जमालपुर मखलूत पोलिंग बूथ पर मोबाइल से बात करने से मना करने पर जमकर हंगामा हो गया।
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युवकों ने पुलिस के साथ गाली गलौज की और हाथापाई की। जिस पर पुलिस ने हंगामा कर रहे युवकों को खदेड़ कर परिसर से बाहर निकाल दिया।

जिस पर समर्थकों को बुलाकर पोलिंग बूथ पर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर चार समर्थकों को हिरासत में ले लिया।

एसडीएम प्रदीप कुमार ने बताया पोलिंग बूथ के सेक्टर अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने घटना के संबंध में जानकारी दी। यहां मतदाताओं द्वारा मोबाइल फोन का प्रयोग करने को मना करने पर बूथ पर तैनात पुलिस कर्मी राजीव कुमार भाटिया और ललित लावनिया से युवकों ने गाली गलौज की।

युवकों को परिसर से खदेड़ने पर युवकों ने अपने समर्थकों को बुला लिया। इस पर जमकर हंगामा हुआ। मतदान के लिए लगी बल्लियां भी गिर गईं। सेक्टर मजिस्ट्रेट के अनुसार मतदान का कार्य करीब दस मिनट तक प्रभावित रहा। एसडीएम और सीओ नगीना गमलेश्वर बिल्टोरिया सूचना मिलते ही पोलिंग बूथ पर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली।
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वहीं, एसडीएम ने बताया कि चार समर्थकों वसीम, इसरार, जाहिद, अब्दुल वाहिद को मामले की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद दोषी पाने पर कार्रवाई की जाएगी।

काली पट्टी बांधकर किया मतदान
नजीबाबाद। गांव शाहपुर में इरफान की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने का विरोध किया। मतदान को संवैधानिक अधिकार बताते हुए पुरुषों ने माथे पर और महिलाओं ने कलाइयों पर काली पट्टी बांधकर शोक जताया।

मतदान के बाद इरफान के परिजनों ने अपने मकानों को बेचकर गांव से पलायन करने की भी घोषणा की। मृतक इरफान की पत्नी रियाज बानो, शीबा, शाइस्ता, डॉ. कासिम, परवेज एडवोकेट, नासिर एडवोकेट आदि का आरोप है इरफान की सामान्य मौत नहीं हुई, बल्कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस कई दिन बाद भी खुलासा नहीं कर सकी है।

प्रत्याशी का ब्लॉक कार्यालय पर हंगामा
नूरपुर। जांच का समय बीतने के बाद निरस्त हुए नामांकन को बहाल करने के विरोध में एक प्रत्याशी ने ब्लॉक कार्यालय में जमकर हंगामा किया।

उसने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्राम पंचायत फीना के वार्ड संख्या 11 से अंकुर और राजवीर सिंह ने नामांकन पत्र भरा था। अंकुर के अनुसार 26 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच हुई।

27 को नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन किया गया। जब वह चुनाव चिह्न लेने ब्लॉक पहुंचा तो वहां एआरओ लोकेंद्र कुमार ने कहा कि दूसरे प्रत्याशी राजवीर सिंह के नामांकन पत्र में खामी होने के कारण उसका नामांकन निरस्त कर दिया है।

दूसरा कोई प्रत्याशी न होने पर उसे चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया गया। शनिवार को फिर से राजवीर का नामांकन पत्र वैध कर सूचना पट पर सूची चस्पा कर दी गई। अंकुर ने इस पर हंगामा करते हुए समय सीमा बीतने के बाद नामांकन पत्र बहाल करने पर हंगामा कर दिया।
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उधर, आरओ रविंद्र कुमार चौधरी का कहना है कि राजवीर का नामांकन पत्र जांच के वैध पाया गया था। उन्होंने मामले में कोई धांधली बरते जाने के आरोप को गलत करार दिया है।
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