खजूर से रोजा खोलना मानते हैं सुन्नत
जलालाबाद/नजीबाबाद। मुकद्दस रमजान शुरू होते ही रेगिस्तान का फल खजूर जहां-तहां दिखाई दे रहा है। रोजा इफ्तार के लिए सुन्नत मानी जाने वाली खजूर की पूरे रमजान जमकर खरीदारी होती है।
माह-ए-रमजान में यूं तो सभी फलों को रोजा इफ्तार में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन खजूर एक ऐसा फल है जिससे रोजा इफ्तार किया जाता है। मौलाना इमरान फरमाते हैं कि खजूर अल्लाह के नबी हुजूर सल्लललाहो अलैहे वसल्लम की सुन्नत है। खजूर नबी की पहली पसंद और सबसे पसंदीदा गिजा रही है। हुजूर हमेशा खजूर से ही रोजा खोला करते थे, इसीलिए मुस्लिम सुन्नत के तौर पर रोजा इफ्तार में खजूर का इस्तेमाल करते हैं।
रमजान का महीना शुरू होते ही विदेशी खजूर की मांग बढ़ जाती है। जगह-जगह ठेलों और फड़ पर तरह-तरह की किस्म के खजूरों की बिक्री होती है। क्षेत्र के बाजारों में कलमी, मरियम, डाली, अजवा, जुमरा, कीमिया गोल्ड आदि खजूर की मांग बढ़ जाती है। अधिकांश खजूर सऊदी अरब, इराक, कीनिया, अलजीरिया और ईरान से भारत पहुंचती है।
महंगा फल है खजूर
रमजान माह के दौरान बाजारों में बड़ी मात्रा में खजूर उपलब्ध है। 90 रुपये किलोग्राम से लेकर 450 रुपये किलोग्राम तक की खजूर बाजार में बिक रही है। अधिकांश रोजेदार खजूर से ही रोजा खोलते हैं, इसलिए रोजाना बाजारों में बड़ी मात्रा में खजूर की खरीद फरोख्त हो रही है।
खजूर के फायदे
खजूर पोषक तत्वों से भरपूर होती है। चिकित्सकों के अनुसार खजूर हड्डियों को मजबूती देती है। डाईजेशन में मददगार है, ब्लड शुगर कंट्रोल में फायदेमंद है। खजूर में कैलोरी, फाइबर, प्रोटीन, पोटेशियम, मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा होती है।