कलक्ट्रेट में चीनी मिल अधिकारियों की बैठक लेते डीएम।
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बिजनौर डीएम अटल कुमार राय ने चीनी मिल अधिकारियों की बैठक लेकर 30 जून तक समस्त गन्ना भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। गन्ना भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। गन्ना सर्वे जल्दी करा अगला पेराई सत्र अक्तूबर से शुरू कराने की सलाह दी।
मंगलवार को डीएम ने चीनी मिलों द्वारा किए जा रहे गन्ना भुगतान की समीक्षा की। धामपुर मिल ने मंगलवार को ही सात करोड़ रुपये का भुगतान किया है। डीएम ने सभी मिलों के अधिकारियों को 30 जून तक शत प्रतिशत गन्ना भुगतान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि 30 जून तक समस्त भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मिल अधिकारियों ने बताया कि चीनी के दाम बाजार में काफी कम होने के कारण भुगतान संभव नहीं हो पा रहा है और चीनी मिल भी लगातार घाटे में जा रही हैं। डीएम ने अन्य संसाधनों से भुगतान करने के निर्देश दिए। बिलाई चीनी मिल को चीनी बिक्री तेज कर गन्ना भुगतान शीघ्र कराने को कहा। ऐसा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
कम गन्ना भुगतान पर चांदपुर चीनी मिल के अधिकारियों ने कहा कि 75 हजार चीनी बोरे बेचकर भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। डीएम ने गन्ना सर्वे तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। किसानों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो पहचान पत्र की प्रति लेने के लिए कहा। डीएम ने कहा कि ऐसे ही किसानों के सट्टे चलाएं जो खतौनी भी इन अभिलेखों के साथ दें। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि सभी एसडीएम को चीनी मिलों में दर्ज कृषकवार खतौनी का सत्यापन लेखपाल से कराने के लिए लिखा गया है। कहा कि भूमिहीन किसानों व गन्ना न बोने वालों के अवैध सट्टे बंद किए जाएंगे। कहा कि जिले का शत प्रतिशत गन्ना रकबा अर्ली प्रजाति के गन्ने से आच्छादित हो गया है। इससे चीनी मिलों को 15 अक्तूबर से चलाया जा सकता है। सभी चीनी मिल इसकी तैयारी कर लें ताकि मई में चीनी मिल न चलानी पड़ें।
60 सालों में सबसे अधिक रहा चीनी का परता
जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि देशभर के किसान जिले में गन्ने की खेती को देखने के लिए आ रहे हैं। जिले को एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। गन्ने का उत्पादन व चीनी परता 60 सालों में सबसे अधिक हुआ है। तीन सालों में ट्रैंच विधि के गन्ने का रकबा बढ़कर 60 हजार हेक्टेअर तक पहुंच गया है और गन्ने का उत्पादन भी 843.50 क्विंटल प्रति हेक्टेअर हो गया है। ऐसी दशा में चीनी मिलें अपनी क्षमता में विस्तार करें ताकि समय से गन्ने की खरीद व पेराई हो सके। इस दौरान चीनी मिलों से एसपी सिंह, आजाद सिंह, बलवंत सिंह, डॉ. एसएस ढाका, रतन सिंह, ओमवीर सिंह, अनिल कुमार, विकास पुंडीर आदि मौजूद रहे।