गुलदार पकड़ने को गन्ना विभाग की मदद
बिजनौर। मादा गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गन्ना विभाग की भी मदद मांगी है। वन विभाग ने गन्ना विभाग से एक दर्जन गांवों के किसानों की गन्ना पर्ची जल्दी जारी करने को कहा है। ऐसा करने से गुलदार को खेतों में छिपने के लिए जगह नहीं मिलेगी और उसको आसानी से उसके प्राकृतिक आवास में खदेड़ा जा सके। गन्ना विभाग ने इस संबंध में शासन से अनुमति मांगी है।
मंडावर में खादर क्षेत्र में लगातार गुलदार देखा जा रहा है। गुलदार को पकड़ने के लिए करीब एक हफ्ते से किए जा रहे वन विभाग के सभी प्रयास नाकाम साबित हुए हैं। गुलदार को पकड़ने के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं, ट्रेंकुलाइज करने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है, लेकिन अभी तक इसका कोई परिणाम नहीं निकला है। वन विभाग हांका लगाकर गुलदार को नजीबाबाद के वन क्षेत्र में खदेड़ने की भी योजना बना रहा है। शुक्रवार को गुलदार के पदचिह्न गांव रतनपुर रियाया में भी दिखाई दिए थे। गुलदार ने ठिकाना तो गांव मोहंडिया के जंगल में बनाया है, लेकिन गुलदार रात को आसपास के गांवों में भी शिकार की तलाश में घूमती है। यह भी संभव है कि गुलदार मोहंडिया के जंगल को छोड़कर दूसरे किसी गांव के जंगल में ठिकाना बना ले। ऐसी स्थिति में वन विभाग चाहता है कि एक दर्जन से अधिक गांवों के किसानों के खेतों का गन्ना जल्दी मिलों में चला जाए।
लेकिन ऐसा तभी हो सकता है जब किसानों को गन्ना पर्ची जल्दी मिलें। किसानों को पर्ची जल्दी जारी करने के लिए वन विभाग ने गन्ना विभाग को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि गुलदार भोजन की तलाश में गन्ने के खेतों में शरण लिए रहते हैं, क्योंकि उन्हें वहां भोजन आसानी से मिल जाता है। एक माह के अंदर गुलदार ने हमला करके कई लोगों को मार दिया है। इनमें से दो घटनाएं मंडावर के गांवों की हैं। गुलदार ने गन्ने के खेतों में शरण ली है। इसे पकड़ने या प्राकृतिक आवास/वनों पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अगर आसपास के गांवों के खेतों से गन्ना जल्दी खत्म हो जाएगा तो गुलदार को शरण के लिए जगह नहीं मिलेगी। इससे उसे उसके प्राकृतिक आवास में पहुंचाने में सहयोग मिलेगा। डीसीओ यशपाल सिंह ने गन्ना विभाग का पत्र मिलने की पुष्टि की है।
इन गांवों की पर्ची जल्दी जारी कराने की मांग
असगरपुर, बहादरपुर, दरगोपुर, मुगलपेड़ा, रतनपुर, टीमला, सहवासपुर, दौलतपुर, पद्मपुर, मोहंडिया, नंगला महेश्वरी, बिचपड़ी गांवों की पर्ची जल्दी मांगी गई हैं।