बंद हो सकते हैं एक लाख किसानों के गन्ना सट्टे
बिजनौर। जनपद के करीब एक लाख किसानों की लापरवाही उन्हें भारी पड़ सकती है। चालू पेराई सत्र के लिए ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भरने पर एक लाख किसानों के गन्ना सट्टे पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। अब भी घोषणा पत्र नहीं भरने वाले किसानों का सट्टा संचालन बाधित हो जाएगा।
जनपद में करीब साढ़े तीन लाख गन्ना किसान पंजीकृत हैं। गन्ना विभाग व चीनी मिलों के तमाम प्रयास के बाद भी करीब एक लाख गन्ना किसान अपना ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भर पाए हैं, जबकि क्षेत्र में शुरू हुए गन्ना सर्वे के साथ से ही ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने की प्रक्रिया चल रही है। बावजूद इसके अभी शत प्रतिशत किसान घोषणा पत्र नहीं भर पाए हैं। इस बार गन्ना सीजन में सभी किसानों को घोषणा पत्र भरना अनिवार्य है। इस कारण ऐसे किसानों के गन्ना सट्टे के संचालन पर बंद का संकट गहरा रहा है। घोषणा पत्र नहीं भरने से सट्टा संचालन अवरुद्ध होगा, वहीं अतिरिक्त सट्टे आदि का लाभ किसान को नहीं मिलेगा। ऑनलाइन घोषणा पत्र में प्रत्येक किसान को अपना पौधा, पेड़ी का क्षेत्रफल, कुल भूमि का क्षेत्रफल व खसरा खतौनी, आधार कार्ड नंबर आदि विवरण देना होता है।
समितियों व चीनी मिल में सहायता केंद्र
जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए गन्ना आयुक्त के निर्देश पर गन्ना समितियों, चीनी मिलों में घोषणा पत्र भरने के लिए सहायता केंद्र खोले गए हैं। ताकि किसान का पैसा खर्च होने से बच सकें। जनपद में करीब एक लाख किसान ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने से रह गए हैं। ऐसे किसान शीघ्र ही अपना ऑनलाइन घोषणा पत्र भर दें, अन्यथा उनका सट्टा बंद हो सकता है।