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इस बार गन्ना सर्वे में हिस्सा लेंगी चीनी मिलें

Sun, 05 May 2019 12:24 AM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
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सांकेतिक
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बिजनौर में जिले की चीनी मिलें इस बार गन्ना सर्वे में हिस्सा लेंगी। पिछले साल जिले की चीनी मिलों ने नुकसान का हवाला देते हुए गन्ना सर्वे करने से हाथ खड़े कर दिए थे। केवल दो चीनी मिलों बिलाई व सहकारी क्षेत्र की नजीबाबाद चीनी मिल ने ही सर्वे किया था। सरकार द्वारा मिलों को मंदी से उबारने के लिए तमाम कोशिश के बदले में चीनी मिलों ने सर्वे का फैसला किया है।
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चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त होते के साथ ही अगले पेराई सत्र से जुड़ी तैयारी शुरू हो जाती है। इसमें प्रमुख कार्य होता है गन्ना रकबे के सर्वे का। चीनी मिल व समितियों के कर्मचारी मिलकर गन्ना सर्वे करते हैं। देखते हैं कि किस किसान पर गन्ना कितने रकबे में है। इस रकबे में कितनी जमीन में पौधा व कितनी में पैड़ी है। यह सब आंकड़े सर्वे में दर्ज किए जाते हैं। रकबे के आधार पर ही चीनी मिलों को चलाने की तिथि, गन्ना कैलेंडर आदि तैयार किया जाता है। पिछले साल चीनी की कम कीमतों के चलते मिलों की हालत खस्ता थी। मिलों पर दबाव बनाने पर पिछले साल इस्मा(इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन) ने सर्वे कराने से हाथ खड़े कर दिए थे। उनकी यह घोषणा सरकार पर दबाव बनाने के लिए की गई थी। तब गन्ना विभाग ने सहकारी समिति कर्मचारियों से ही सर्वे कराया था। जिले की केवल दो चीनी मिलों ने ही सर्वे किया था। नजीबाबाद चीनी मिल सहकारी क्षेत्र की है। उसका सर्वे में शामिल होना तय था। इसके अलावा बिलाई चीनी मिल ने भी गन्ना सर्वे किया है। बिलाई चीनी मिल इस्मा की सदस्य नहीं है। इस साल की स्थिति बदली है। किसानों का गन्ना भुगतान करने के लिए सरकार ने चीनी मिलों को एक बार सॉफ्ट लोन व एक बार सामान्य लोन दिया है। इसके अलावा चीनी के न्यूनतम दाम भी 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए हैं। साथ ही गन्ने के रस से एथनॉल बनाने पर भी सरकार ध्यान दे रही है। इससे चीनी मिलों को बहुत राहत मिली है। इसके चलते इस साल चीनी मिल गन्ना सर्वे के लिए तैयार हो गई हैं। मिलों ने अफसरों के साथ बैठक में भी सर्वे के लिए हामी भर दी है।

यह होगा सर्वेक्षण शेड्यूल
शासन ने गन्ना सर्वे के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। सर्वेक्षण कार्य पांच मई से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। किसानों को गन्ना क्षेत्रफल के संबंध में घोषणापत्र देना होगा। घोषणापत्र देने वाले का मिल से सट्टा नहीं होगा। घोषणा पत्र के साथ किसान को आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक की पासबुक की फोटो कॉपी व जनसुविधा केंद्र से प्राप्त राजस्व खतौनी देनी होगी। गन्ना सर्वे जीपीएस से होगा।
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2018-19 का गन्ना सर्वे
चीनी मिल      पौधा            पैड़ी        कुल रकबा
बिजनौर        4175          3930        8105
धामपुर         23518        21605        45123
स्योहारा        12935        11885        24820
नजीबाबाद     8854         8248        1702
बुंदकी         13818      14145        27963
चांदपुर        7578        7863        15441
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बिलाई        11389      11592        22981
बरकातपुर     12890    12542        25432
बहादरपुर     14071     14317        28388
कुल         109228    106127    215355

नोट:- रकबा प्रति हेक्टेयर में है। ये आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।

करेंगे पूरा सहयोग
बिजनौर चीनी मिल के जीएम इसरार अहमद के अनुसार जल्दी ही सर्वे शुरू कराया जाएगा। सर्वे के कार्य में पूरा सहयोग किया जाएगा।

जल्दी होगा सर्वेक्षण
धामपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह के अनुसार मिल जल्दी ही सर्वेक्षण कार्य शुरू करेगी।

कराएंगे सर्वेक्षण
बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार चीनी मिल ने पिछले साल भी गन्ना सर्वेक्षण कराया था। इस साल भी सर्वेक्षण कराया जाएगा।
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