चीनी में 200 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि चाहती हैं चीनी मिल
बिजनौर। चीनी के घटी कीमतों ने चीनी मिलों की कमर तोड़कर रख दी है। उत्तर प्रदेश शुगर मिल एसोसिएशन ने चीनी मिलों में बढ़ोतरी की मांग की है। प्रदेश सरकार से चीनी के दामों में 200 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा करने को कहा है। प्रदेश सरकार की ओर से भी इस संबंध में एक पत्र केंद्र सरकार को लिखा गया है। चीनी के दामों में बढ़ोतरी होती है तो मिलें किसानों का भुगतान समय से कर सकेंगी।
चीनी के अत्यधिक उत्पादन और लॉकडाउन में व्यापार बंद रहने से चीनी की डिमांड बहुत घटी है। केंद्र सरकार ने चीनी के न्यूनतम दाम 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखी है और चीनी करीब करीब इतने ही मूल्य पर बिक रही है। पिछले महीने तो मिलें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कोटे के बराबर भी चीनी नहीं बेच पाईं थीं। चीनी मिलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर चीनी के दामों में 200 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि चीनी के दाम 3100 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि चीनी बनाने में 3400 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल की लागत आ रही है। लागत से भी कम कीमत मिलने से मिलों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर चीनी मिलों की मांगों के बारे में बताया गया है।
इस साल बनी चीनी की स्थिति
चीनी मिल गन्ना पेराई बनी चीनी
धामपुर 236 25.40
स्योहारा 214 24.39
बिलाई 146.47 18.10
बहादरपुर 119.47 14.81
बरकातपुर 141.11 15.90
बुंदकी 128.10 14.50
चांदपुर 64.44 7.44
बिजनौर 40.33 4.44
नजीबाबाद 50.61 6.22
नोट : आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। गन्ने और चीनी के आंकड़े लाख क्विंटल में हैं।
उठाए जाएं सकारात्मक कदम
बरकातपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक विश्वासराज सिंह का कहना है कि शुगर मिल एसोसिएशन की ओर से चीनी के दाम बढ़ाने के लिए पत्र लिखा गया है। चीनी के रेट बढ़ने से ही किसानों और मिलों को फायदा होगा। सरकार को इस संबंध में सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।