- गन्ने की मिठास से महका बिजनौर, 106.30 लाख क्विंटल किया चीनी उत्पादन
- दो मिलें हुई बंद सात चीनी मिलें रही चल, करीब 15 दिन और चलेंगी मिलें
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गर्मी बढ़ रही है और खेतों में खड़ा गन्ना किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। जिले की सात चीनी मिलें चल रही है। जनपद की सभी चीनी मिलें अब तक करीब 1159 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। जबकि गत पेराई सत्र में चीनी मिलों ने 1156 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इस गन्ने के सापेक्ष 106.30 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया।
जनपद में गन्ना नौ चीनी मिलें हैं। इनमें से बिलाई और बिजनौर चीनी मिलों का पेराई सत्र बंद हो गया। बाकी सात चीनी मिलें चल रही हैं। खेतों में दस प्रतिशत का अनुमान लगाया जा रहा है। विभाग के अनुसार दो चीनी मिलें पांच से दस दिन के बीच और बाकी चीनी मिलें पंद्रह दिन के अंदर बंद होने की संभावना है। जनपद की चीनी मिलें पिछले साल का रिकाॅर्ड तोड़ रहा है।
गन्ना क्षेत्रफल में बिजनौर आगे है। यहां ढाई लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में गन्ना उत्पादन होता है। मौसम की मार से जनपद में पेड़ी का उत्पादन कम हुआ, लेकिन पौधे की फसल में अच्छा उत्पादन हुआ है। यही वजह है कि जनपद की चीनी मिलें पिछले व प्रदेश के रिकाॅर्ड तोड़ने को तैयार है। गत पेराई सत्र में जनपद की नौ चीनी मिलों ने करीब 1156 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। जबकि अभी तक चीनी मिलें 1159 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है और अभी कई दिन और चलेंगी। जनपद की चीनी मिलें तीन करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई ज्यादा कर दी है। किसान विजयपाल सिंह, धर्मवीर सिंह का कहना है कि पर्ची का वितरण सही नहीं होने गन्ना देरी तक बेचा जा रहा है। गर्मी में ज्यादा देर तक खेत में काम करना मुश्किल होता है। मजबूरी में किसान यह सब कर रहा है।
कोट
किसानों के समस्त गन्ने की पेराई करके ही चीनी मिलों का संचालन बंद होगा। चीनी मिलें पिछले साल के रिकाॅर्ड तोड़ रही हैं। लखीमपुर की चीनी मिलें 1160 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई कर बंद हो गई हैं। यहां चीनी मिलें कई दिन चलेंगी, जिस कारण वहां का रिकाॅर्ड चीनी मिलें तोड़ देंगी - पीएन सिंह डीसीओ