चीनी मिल तैयार, सड़कों का हाल बेहाल
बिजनौर। चीनी मिलों की गन्ना पेराई करने की तैयारी पूरी हैं, लेकिन सड़कों की हालत देखकर किसानों और चीनी मिलों के अफसरों के होश उड़े हुए हैं। चीनी मिलों को जाने वाली सड़कों की हालत बहुत खस्ता है। किसी भी विभाग ने इन सड़कों के गड्ढ़े भरने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। कहीं कहीं तो सड़कें पूरी तरह उधड़ चुकी हैं। ऐसे में किसानों और चीनी मिल अधिकारी दोनों को ही चिंता सता रही है कि इन टूटी सड़कों से कैसे चीनी मिल और क्रय केंद्रों तक गन्ना पहुंचाया जाएगा। इन सड़कों पर हादसे होने का खतरा ज्यादा है। संवाद
ट्रांसपोर्टरों ने गन्ना ढोने से खडे़ कर दिए थे हाथ
बिजनौर में चीनी मिल के पास ही चक्कर रोड, नजीबाबाद रोड पर कई जगह गहरे गड्ढे हैं। यह हाल तब है जब ये सड़कें शहर की हैं। बड़े वाहनों को शहर में आने से रोकने के लिए उन्हें चक्कर रोड से निकाला जाता है। ईदगाह के पास बने चक्कर रोड की हालत बहुत खराब है। गांवों में जंगल की सड़कों का भी बुरा हाल है। सड़क के गड्ढ़े पेराई सत्र में किसानों की परीक्षा लेने जा रहे हैं। किसान भी गड्ढों को भरने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। पिछले साल सड़कें इतनी बुरी थीं कि कई जगह ट्रांसपोर्टरों ने गन्ना ढोने से हाथ खड़े कर दिए थे। इस बार हालात में सुधार तो है लेकिन सड़कें पूरी तरह अब भी ठीक नहीं हुई हैं।
शुगर मिल जाने वाले मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे
अफजलगढ़। आगामी एक पखवाड़े के अंदर मिल चलाने तथा गन्ना क्रय केंद्र शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जबकि मिल तथा क्रय केंद्रों तक पहुंचने वाले खस्ताहाल मार्गों की मरम्मत नहीं की गई है। इससे पेराई सत्र में किसानों को गन्ना पहुंचाने में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। बैरीखत्ता, नबाबपुरा, चौहड़वाला से शुगर मिल पहुंचने वाले मार्गों में गहरे गहरे गड्ढे है। इससे गन्ना ढुलान में लगे वाहनों को भारी परेशानी होगी। विभिन्न गांवों के इलाकों से इन मार्गों पर बनने वाले क्रय केंद्रों तक पहुंचने के लिए भी गांव वालों को भारी असुविधा के दौर से गुजरना पड़ेगा। पूर्व में भी इन मार्गों पर गन्ने से लदे अनेक वाहन पलटकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं, अनेक बार वाहनों के टायर भी फटने से किसानों को दिक्कत उठानी पड़ी। इस संबंध में लोनिवि के सहायक अभियंता राजीव गौतम ने बताया कि अफजलगढ़, हरेवली, चौहड़वाला संपर्क मार्ग का इस्टीमेट अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है। स्वीकृत होने पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
चलने लायक नहीं बिलाई मिल तक जाने वाला मार्ग
हल्दौर। गांव तहारपुर मदद इमाम, शरीफपुर, मुकरपुर सत्ती, लाड़नपुर, शाहनगर, कूकड़ा इस्लामपुर, इनामपुरा, कुंडा बागेन आदि गांवों के किसान अपना गन्ना ट्रैक्टर ट्रॉली से बिलाई चीनी मिल को लेकर जाते हैं। तहारपुर मदद इमाम से नहर के किनारे बिलाई चीनी मिल की ओर जाने वाला मार्ग करीब 15 किलोमीटर लंबा है। यह मार्ग जगह-जगह जर्जर अवस्था में पड़ा हुआ है। किसानों को गन्ने लेकर जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राकेश चौधरी, राजीव कुमार, वेदप्रकाश चौधरी, ग्राम प्रधान देशराज सिंह, सुजान सिंह, शहाबुद्दीन अंसारी, इकरामुद्दीन, धर्मपाल आदि किसानों ने बिलाई चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारियों से इस मार्ग का दुरुस्त कराने के लिए शिकायत की। लेकिन उनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया है। वहीं, बढ़ापुर में बूंदकी चीनी मिल का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक क्षेत्र है। क्षेत्र में संचालित चीनी मिल के दर्जनों बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों से ट्रकों में भरकर गन्ना ढुलान बढ़ापुर को जनपद से जोड़ने वाले एकमात्र मार्ग बढ़ापुर-नगीना मार्ग से होता है। पिछले वर्षों से यह मार्ग बहुत दयनीय हालत में है। समय रहते मार्ग दुरुस्त नहीं होता है तो गन्ना ढुलान में अनेक कठिनाइयों का आना स्वाभाविक है।
कोट ---
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह का कहना है कि गन्ना विभाग सड़कों की मरम्मत नहीं कराता है। चीनी मिल अपने क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए पीडब्लूडी या अन्य विभागों को पत्र लिखती हैं। सड़कों की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी चीनी मिल और पीडब्लूडी की है।