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सफल रहा प्रयोग, 15 गायों ने दिया बछियों को जन्म

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सफल रहा प्रयोग, 15 गायों ने दिया बछियों को जन्म
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बिजनौर। खेती के काम से बेकार बछड़ों से किसानों को अब छुटकारा मिलता दिख रहा है। बछड़ों से छुटकारा देने के लिए शुरू की गई सेक्सड सीमन कृत्रिम गर्भाधान राज्य योजना जिले में परवान चढ़ी है। इस योजना में कृत्रिम रूप से सेक्सड सीमन से गाभिन की गई 15 गायों का प्रसव हुआ है और सभी ने बछियों को ही जन्म दिया है।
खेती में घूम रहा निराश्रित गोवंश किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है। खासतौर से नर गोवंश। जिले के अधिकतर किसान विदेशी नस्ल की एचएफ या जर्सी गाय पालते हैं। ये गाय अब तक वेस्ट यूपी की गर्मी वाले इलाके के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाई हैं। खासतौर से इन गायों के बछड़े खेती में काम नहीं आते हैं। लोग दूसरों के क्षेत्रों में इन्हें छोड़ देते हैं। इस समस्या से निजात पाने को वैज्ञानिकों ने लैब में सेक्सड सीमन बनाया है। इस सीमन से गाय को कृत्रिम रूप से गाभिन कराते हैं। योजना में जिले में पिछले साल मई के बाद 821 गायों का कृत्रिम गर्भाधान किया गया था। इनमें से 550 गायों का गर्भ परीक्षण किया गया और 248 गाय गर्भवती निकलीं। इनमें से 15 गायों का प्रसव हो चुका है। सभी 15 गायों ने बछिया को ही जन्म दिया है।
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300 रुपये है शुल्क
सेक्सड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए गाय का ईयर टेगिंग होना अनिवार्य है। इसका शुल्क 300 रुपये निर्धारित किया गया है। भारी छूट देने के बाद यह मूल्य निर्धारित किया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यशवीर सिंह बालियान के अनुसार किसानों को ईयर टैगिंग कराकर गायों को सेक्सड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस सीमन से गर्भित सभी 15 गायों ने प्रसव में बछिया को ही जन्म दिया है।
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