-डीआईजी मुनिराज जी ने किया दो दिवसीय वार्षिक मुआयना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। डीआईजी मुनिराज जी ने कहा कि अपराधियों को चिह्नित करते हुए उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। समय समय पर हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापना होना भी बेहद जरूरी है। इसमें थाना प्रभारी कोई कोताही ना बरते।
दो दिवसीय वार्षिक मुआयना करने के लिए बिजनौर पहुंचे डीआईजी मुनिराज जी ने बुधवार की सुबह पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कहा कि अपराधियों से सख्ती से निपटा जाए। सक्रिय अपराधियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन समय-समय होना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से चांदपुर क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की वारदातों को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। कहा कि चोरी की वारदातों को रोकने के लिए गश्त बढ़ाई जाए।
इसके बाद डीआईजी ने पुलिस पेंशनर्स के साथ बैठक करते हुए उनकी समस्याओं को जाना। पेंशनर्स से कहा कि भले ही सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन पुलिस का अंग हैं। ऐसे में पुलिस का सहयोग करते रहें।
इसके अलावा डीआइजी ने पुलिस लाइन की विभिन्न शाखा क्वार्टर गार्द, अस्पताल, मैस, परिवहन शाख, फैमिली लाइन, बच्चा पार्क आदि का भी निरीक्षण किया। इस दौरान एसपी नीरज कुमार जादौन, एएसपी सिटी संजीव बाजपेयी, एएसपी देहात रामअर्ज, एएसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल, सीओ संग्राम सिंह आदि मौजूद रहे।
थाने का निरीक्षण किया
नूरपुर। डीआईजी मुनिराज जी ने थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने थाने के अभिलेखों, कंप्यूटर कक्ष, सीसीटीएनएस कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, बंदिग्रह, मलखाना, मैस व थाना परिसर की साफ सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से वार्ता कर ग्रामीण इलाकों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों की सूचना तत्काल थाना प्रभारी को देने के लिए कहा।इसके बाद उन्होंने ग्राम प्रहरियों को छाते वितरित किए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज, क्षेत्राधिकारी भरत सोनकर, प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार, अपराध निरीक्षक माधो सिंह विष्ट आदि समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
निष्पक्ष होगी आगजनी-फायरिंग कांड की जांच
बिजनौर। डीआईजी मुनिराज जी ने बिजनौर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता की। सड़क निर्माण कंपनी के मिक्सर प्लांट पर हुई आगजनी और फायरिंग कांड के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना संभल ट्रांसफर की गई है। संभल पुलिस की टीम पूरी निष्पक्षता के साथ जांच करेगी। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। बरामद हुए असलहा के बारे में कहा कि मामले की जांच की जा रही है। बता दें कि 29 अप्रैल की रात दो बजे शिवालाकलां क्षेत्र में प्लांट पर आगजनी और फायरिंग की गई थी। इसमें भाजपा विधायक अशोक राणा और उनके बेटे प्रियंकर राणा को नामजद किया गया। इस मामले में छह आरोपी जेल जा चुके हैं, जबकि पांच फरार हैं। हालांकि अभी तक विधायक और विधायक पुत्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसी बीच विवेचना को संभल ट्रांसफर कर दिया गया। मामले की केस डायरी 18 मई को संभल जा चुकी है।