बिजनौर में आंधी और बारिश के कारण शनिवार की रात जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। बिजली के तार, खंभे आदि भी टूट गए। जिलेभर में विद्युत आपूर्ति पूरी रात ठप रही। 500 खंभे और जगह-जगह बिजली की लाइन जगह-जगह टूटे पड़े रहे।
दिन में भी कुछ जगहों पर ही आपूर्ति सुचारु हुई। एक बैंक के ऊपर लगा कनेक्टिविटी टावर भी गिर गया। गजरौला अचपल गांव में एक मकान के ऊपर पेड़ गिरने से दीवार टूट गई। मकान के लेंटर में दरार आ गई। बारिश से आम व सब्जियों की फसल को भी नुकसान हुआ है। जिलेभर में 28 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
शनिवार रात करीब 8.15 बजे आई आंधी ने जमकर कहर मचाया। आधे घंटे की आबादी में जिलेभर में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। आंधी के कारण बिजली के खंभे, तार टूटकर गिर गए। नगीना में रोडवेज बस स्टैंड के पास सिंडिकेट बैंक के ऊपर लगा करीब 60 फीट ऊंचा टावर एक ओर गैराज पर गिर गया। वहां किसी का घर न होने के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया।
मंडावर में मॉडर्न ऐरा पब्लिक स्कूल के पास कई जगह पेड़ टूटकर गिर गए। गांव गजरौला अचपल में प्राइमरी स्कूल में खड़ा यूकेलिप्टस का पेड़ टूटकर उमराव सिंह के मकान पर गिया गया। मकान की एक दीवार पेड़ की चपेट में आकर गिर गई और लेंटर में भी दरार हा गई। गजरौला शिव, जंदरपुर में भी कई पेड़ टूट गए।
आंधी के कारण रेलवे गजरौला-मौजमपुर रेलवे लाइन पर भी कई जगह पेड़ टूटकर गिरे। पेड़ों के कारण मुरादाबाद-नजीबाबाद पैसेंजर ने हल्दौर स्टेशन से बिजनौर आने में 25 मिनट का अतिरिक्त समय लिया। बिजनौर शहर में भी कई जगह पेड़ गिरे।
एसबीआई के पास खड़ा दशकों पुराना पेड़ भी आंधी से गिर गया। बरूकी क्षेत्र में कई जगह पेड़ गिरने से बिजनौर-नगीना मार्ग अवरुद्ध हो गया। कई और जगह भी मार्ग अवरुद्ध हुए। गांव वालों द्वारा पेड़ काटने से यातायात दोबारा शुरू हुआ।
शादीपुर में मोनू के मकान की टीन शेड उखड़ने से उसकी पत्नी पूनम व बेटी लक्ष्मी टीन की चपेट में आकर घायल हो गईं। आंधी से जिलेभर में बिजली के करीब 500 खंभों के टूटने का अनुमान है।
आंधी से विद्युत निगम को करीब 50 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं, बारिश ने आम की फसल को भी जमकर नुकसान पहुंचाया। आंधी से आम की फसल भारी मात्रा में टूटकर गिर गई। आंधी से लौकी, तोरी, खीरा, तरबूज, खरबूजा आदि बेल वाली फसलों को भी नुकसान हुआ है।