राज्यकर्मियों ने शासनादेश की प्रतियां जलाकर किया विरोध
बिजनौर। राज्य कर्मचारियों ने उनके वेतन से 25 प्रतिशत कटौती करने के सरकार के फैसले को कर्मचारी विरोधी बताया है। इसे लेकर कर्मचारियों ने शासनादेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार से शीघ्र ही इस शासनादेश को वापस लेने की मांग की।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी परिषद के प्रांतीय आह्वान पर कर्मचारी जिला अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए और विरोध जताया। इस दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य कर्मचारियों से रूखा व्यवहार किया है, जो बेहद ही गलत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी में कर्मचारी अपनी जान हथेली पर रखकर जनता की सेवा में लगे हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रोत्साहित करने की बजाय सरकार उनके वेतन से कटौती कर उन पर सीधे तौर पर आर्थिक रूप से प्रहार कर रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सरकार ने इस शासनादेश को वापस नहीं लिया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष गजेंद्र कुमार शर्मा, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार रवि, चीफ फार्मासिस्ट सतेंद्र कुमार अमोली, सुधाकर प्रसाद बोंगाई, सुभाष सिंह, नीरज शर्मा, संदीप कुमार, राम सिंह, नर्सेज एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष पुष्पा निगम, जिला मंत्री पद्मावती, वंदना शर्मा, सुदेश रानी, जूली, राजकुमार, नीरज कुमार आदि मौजूद रहे।