नजीबाबाद में या अली मौला.., मौला अली..., नारा-ए-हैदरी की गूंज के साथ जोगीरम्पुरी दरगाह पर मातमी मजलिसों का सिलसिला शुरू हुआ। उधर, मौला अली की बारगाह में नजराना-ए-अकीदत पेश करने और मन्नते मांगने के लिए जायरीन उमड़ रहे हैं।
दरगाह-ए-आलिया नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी तंबुओं के शहर में तब्दील हो चुका है। जहां-तहां हजरत इमाम हुसैन का जिक्र है। बृहस्पतिवार को तड़के से ही जायरीन दरगाह की जियारत के लिए बेचैन नजर आए। दरगाह कमेटी के सचिव विसाल मेहदी की निगरानी में करीब आठ बजे दरगाह परिसर के शमसुल हसन हॉल से मातमी मजलिसों का सिलसिला शुरू हुआ। मजलिस को खिताब करते हुए जोगीरम्पुरी दरगाह के मौलाना आबिद मेहदी ने इबादत मौजू से खिताब किया। उन्होंने कहा कि रोजा, नमाज और अल्लाह की इबादत से जिंदगी को पाकीजा बनाया जाता है। इस्लाम में इंसानियत और मोहब्बत के बारे में मौलाना आबिद ने फरमाया कि मोहब्बत एक ऐसी इबादत है जो इंसानियत का पैगाम देती है। इसे घर से सफर तक अपनाया जा सकता है।
मेहराज मेहदी मंगलोरी, मौलाना तंजीम हुसैन सैंथली ने मजलिस को खिताब करते हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों के किरदार पर रोशनी डाली। शिया विद्वान ने फरमाया कि दीन, इंसानियत और इस्लाम को महफूज रखने के लिए करबला के शहीदों ने अपनी कुर्बानियां दीं। उलमा ने वाकयाते करबला बयां किए तो जायरीनों की आंखें नम हो गईं।
नसीमुल बाकरी के संचालन में आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए उलेमा मौलाना इरशाद अब्बास इलाहाबादी, मौलाना जाफर अली छौलसी ने अपने खिताब में हजरत इमाम हुसैन को दीन का रहबर बताया। उन्होंने कहा कि जब भी दीन और इस्लाम को खतरा महसूस हुआ तो औलादे रसूल ने अपने किरदार से हिफाजत की। उलेमा ने फरमाया कि रोजे अव्वल से लेकर रोजे आखिर तक जितनी भी कौमें आएंगी इंसानियत और इमामत पर जिंदा रहेंगी। नौगांवा सादात से आई अंजुमन यादगारे हुसैनी ने खयामे हुसैनी मंजर सजाया है। मंजर को देखकर लोगों की आंखें नम हैं।
जायरीनों के लिए रोकी जाएंगी नॉन स्टॉप ट्रेनें
नजीबाबाद में दरगाह-ए-आलिया नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी और शिया वेलफेयर सोसायटी की ओर से जायरीनों की खिदमत के लिए स्टेशन पर शिविर लगाए गए हैं। दरगाह कमेटी के सचिव विसाल मेहदी जैदी ने दरगाह कमेटी की ओर से रेलवे स्टेशन परिसर में लगाए गए सेवा शिविर का फीता काटकर उद्घाटन किया। सय्यद विकार हैदर, शमीम अब्बास, वजाहद हुसैन, चांद मिया, इमरान बाकर, हसन अहमद, मुज्जमिल हुसैन, मौलाना नजीर अब्बास, शराफत हुसैन ने जायरीनों को शीतल पेय उपलब्ध कराया। उधर, रेलवे ने इस वर्ष नजीबाबाद से गुजरती नॉन स्टॉप ट्रेनों का दो मिनट के लिए नजीबाबाद में तीन दिन के लिए स्टॉपिज देने का फैसला लिया है। नजीबाबाद स्टेशन अधीक्षक आरके मीणा ने बताया कि अप और डाउन दिशा से आने वाली नॉन स्टॉप ट्रेनों का 13 मई की देर रात तक नजीबाबाद में दो मिनट का ठहराव रहेगा। नजीबाबाद में जायरीनों के लिए नजीबाबाद स्टेशन पर रोकी जाने वाली ट्रेनों में कुंभ एक्सप्रेस 12369-70, उपासना एक्सप्रेस 12327-28, अमरनाथ सुपर फास्ट एक्सप्रेस 12587-88, मोरध्वज एक्सप्रेस 12491-92 और अमरनाथ सुपर फास्ट जन साधारण एक्सप्रेस 22423-24 को नजीबाबाद में 13 मई 2018 की देर रात तक दो मिनट के लिए जायरीनों के लिए रोका जाएगा।