- अनुपस्थिति परीक्षकों पर शिकंजा कसने की तैयारी, दूसरे दिन 55,000 से अधिक काॅपियां जांची गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन ने रफ्तार पकड़ ली है। दूसरे दिन तीनों मूल्यांकन केंद्र पर 55 हजार से अधिक काॅपियां जांची गईं। सबसे अधिक काॅपियां आरजेपी मूल्यांकन केंद्र पर जांची गई। जबकि बीआईसी में परीक्षकों की संख्या सबसे अधिक बढ़ी। अब शासन की मूल्यांकन ड्यूटी से नदारद रहने वाले परीक्षकों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
जिले के तीन मूल्यांकन केंद्र पर हाईस्कूल व इंटर की कॉपियां जांचने का काम 18 मार्च से शुरू हुआ। पहले दिन कम परीक्षक कापी जांचने आए। रविवार को दूसरे दिन मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की संख्या बढ़ी। सबसे अधिक 107 परीक्षक बीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर बढ़े। आरजेपी मूल्यांकन केंद्र पर 56 परीक्षक तथा जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 38 परीक्षक बढे़। तीनों केंद्रों पर कुल 203 परीक्षक बढे़। दूसरे दिन 1013 परीक्षक काॅपियां जांचने नहीं आए।
अनुपस्थित परीक्षकों की सूची तलब
शासन मूल्यांकन ड्यूटी से नदारद शिक्षकों को लेकर सख्त हो गया है। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने तीनों मूल्यांकन केंद्र से मूल्यांकन कार्य से अनुपस्थित शिक्षकों की सूची तलब की है। काॅपियां जांचने नहीं आने वाले राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के खिलाफ परिषदीय नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है। जबकि वित्त विहीन विद्यालयों की मान्यता के खिलाफ कार्रवाई संभव है।
शासन को ऑनलाइन भेजी जा रही मूल्यांकन सूचना
शासन मूल्यांकन केंद्रों की सतत निगरानी कर रहा है। लखनऊ कंट्रोल रूम जिला कंट्रोल रूम से मूल्यांकन संबंधी जानकारी लेने के साथ सीधे सीसीटीवी कैमरों से हर केंद्र पर जांची जा रही काॅपियां देख रहा है। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने बताया कि हर केंद्र से शिक्षकों की उपस्थिति तथा प्रतिदिन जांची जा रही उत्तर पुस्तिकाओं की जानकारी भेज रहा है। बताया कि वह स्वयं मूल्यांकन केंद्रों पर कक्षों में जाकर मूल्यांकित काॅपी देख रहे हैं। मूल्यांकन केंद्रों पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट को भी उत्तर पुस्तिकाओं का औचक निरीक्षण करने को कहा गया है।
शून्य व 90 प्रतिशत से अधिक नंबर वाली कॉपियां दोबारा जांचें
शासन से आए निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी परीक्षार्थी का जांची गई काॅपी में शून्य या 90 प्रतिशत से अधिक अंक आते हैं तो उप प्रधान परीक्षक उन काॅपियों का स्वयं दोबारा मूल्यांकन करेंगे। ऐसी कापी पर उप प्रधान परीक्षक अपने पूरे हस्ताक्षर करेंगे। कहीं कोई कमी मिलने पर उप नियंत्रक, डीआईओएस व बोर्ड कार्यालय को सूचित करेंगे। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार के मुताबिक निरीक्षण के दौरान इस बात पर विशेष निगाह रखी जा रही है। डीआईओएस ने बताया कि समय से मूल्यांकन कार्य पूरा कराने के लिए विषयवार आवश्यकता अनुसार परीक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है। विद्यालयों से ऐसे शिक्षकों की सूची मंगाई जा रही है जो बोर्ड से परीक्षक नहीं बने हैं परंतु काॅपी जांचने के लिए अर्ह हैं।