- जिले में सिर्फ बिजनौर नगर पालिका में ही सभासद उम्मीदवारों से वापस लिए चुनाव चिह्न
- अफसरों ने चुनाव चिह्न नहीं किए निरस्त, चुनाव आयोग से मांगी राय
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। समाजवादी पार्टी में बिजनौर नगर पालिका सीट पर अध्यक्ष पद के लिए मचा घमासान अब वार्ड तक पहुंच गया है। दरअसल, सभासदों पदों पर पार्टी से उम्मीदवार बनाने के बाद अब सपा ने हाथ खींच लिए है। सभी वार्ड में अपने उम्मीदवारों से सिंबल वापस ले लिया है। जिसे अध्यक्ष पद का टिकट बदल दिए जाने के बाद बने समीकरणों से इसे जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवारों को साइकिल चुनाव निशान आवंटित नहीं किए जाने के लिए पत्र प्रशासन को दिया गया है। इस मसले को लेकर अधिकारियों ने चुनाव चिह्न निरस्त नहीं किए। बल्कि चुनाव आयोग से राय मांगी है। इसके पीछे तय समय के बाद पत्र आने का हवाला दिया जा रहा है।
बिजनौर नगर पालिका के लिए समाजवादी पार्टी ने पहले निवर्तमान चेयरपर्सन रुखसाना परवीन को उम्मीदवार बनाया। रखसाना परवीन ने सपा के चुनाव चिह्न पर नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया था, नामांकन के कुछ ही घंटों के बाद पार्टी ने उम्मीदवार बदल दिया। सपा की ओर से निवर्तमान चेयरपर्सन का टिकट काटकर पूर्व विधायक रुचि वीरा की बेटी स्वाति वीरा को उम्मीदवार घोषित कर दिया। उधर, निर्वतमान चेयरपर्सन रुखसाना परवीन ने अपनी दावेदारी वापस लेने के बजाय रालोद से चुनाव चिह्न हासिल कर लिया और दोबारा नामांकन कराया।
अध्यक्ष पद के टिकट को लेकर हुए इस घमासान की आंच वार्ड तक पहुंच गई। हुआ यूं कि सपा की ओर से सभासद पदों के लिए जो उम्मीदवार बनाए गए थे, उनसे चुनाव चिह्न वापस ले लिया। सपा जिलाध्यक्ष की ओर से नामांकन प्रक्रिया में लगे अधिकारियों को पत्र दिया गया, जिसमें सभी 32 वार्ड के उम्मीदवारों को पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं दिए जाने की बात कही गई। अध्यक्ष पद के टिकट की अदला बदली को लेकर हुई गुटबाजी के हालातों के बाद यह निर्णय लेने की बात कही जा रही है।
उधर, सूत्रों का दावा है कि सपा की ओर से सभासद पद के लिए जो उम्मीदवार तय किए गए थे, वे निवर्तमान चेयरपर्सन रुखसाना परवीन के गुट के बताए जा रहे हैं। ऐसे में बाद में सपा की ओर से बनाई गई अध्यक्ष पद की प्रत्याशी की सिफारिश पर सभासद उम्मीदवारों से चुनाव चिह्न वापस लेने की चर्चा है।
नजीबाबाद में सपा के टिकट को लेकर रार
सपा की ओर से नजीबाबाद पालिका में निवर्तमान चेयरपर्सन सबिया निशात पत्नी मौअज्जम खां को उम्मीदवार बनाया गया था, उन्होंने नामांकन भी कराया, लेकिन बाद में सपा ने टिकट बदल दिया। सपा ने बाद में मोहम्मद फैसल को उम्मीदवार बना दिया। उधर, निवर्तमान चेयरपर्सन ने दावा किया है कि वे ही सपा की अधिकृत प्रत्याशी हैं। तर्क दिया जा रहा है कि मोहम्मद फैसल को उम्मीदवार घोषित किए जाने वाला पार्टी का पत्र फैक्स से भेजा गया। जो मान्य नहीं होता। फैक्स के अलावा जो सही पत्र आया, तब तक प्रक्रिया का समय निकल चुका था। इस मामले में अधिकारियों ने चुनाव आयोग से राय मांगी है। हालांकि मोहम्मद फैसल भी सपा के चुनाव चिह्न पर नामांकन पत्र दाखिल कर चुके थे।
कोट
बिजनौर नगर पालिका के सभी वार्ड में सभासद पद के प्रत्याशी तय किए गए थे, जिन्होंने नामांकन भी कराया। बाद में किन्हीं कारणों से उनसे चुनाव चिह्न वापस ले लिया गया है - अनिल यादव, जिलाध्यक्ष सपा
भाजपा से उतरे सभासद उम्मीदवारों को अपने ही दे रहे चुनौती
राजनैतिक जानकारों का कहना है कि बिजनौर पालिका में 19 वार्ड ऐसे हैं, जहां पर भाजपा के टिकट पर चुनाव में उतरे सभासद उम्मीदवारों को अपने ही चुनौती दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि जिन्हें भाजपा ने सभासद का प्रत्याशी नहीं बनाया और टिकट मांग रहे थे, उन्होंने निर्दलीय के तौर पर नामांकन कराया है।