- बिजनौर और नगीना लोकसभा सीट पर सपा ने की उम्मीदवारों की घोषणा
- नगीना सीट पर बसपा के उम्मीदवार की घोषणा का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/नगीना। सपा ने बिजनौर और नगीना लोकसभा सीट पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। बिजनौर से यशवीर सिंह और नगीना से पूर्व न्यायिक अधिकारी मनोज कुमार पर दांव खेला है। उधर, नगीना में बसपा किसे मैदान में उतारेगी, यह तस्वीर शुक्रवार तक भी साफ नहीं हो सकी।
बिजनौर लोकसभा सीट पर सपा की ओर से यशवीर सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। एनडीए गठबंधन में रालोद की ओर से चंदन चौहान और बसपा ने बिजेंद्र सिंह को को मैदान में उतारा है। बिजेंद्र सिंह लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव पद को छोड़कर हाल ही में बसपा में गए हैं।
नगीना लोकसभा सीट की बात करें तो सपा की ओर से शुक्रवार को पूर्व एडीजे मनोज कुमार को उम्मीदवार घोषित किया गया। नगीना सीट से भाजपा से विधायक ओमकुमार मैदान हैं, जबकि बसपा उम्मीदवार की घोषणा होना बाकी है।
बता दें कि 2009 में नवसृजित हुई नगीना लोकसभा सीट पर सबसे पहले समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़े यशवीर सिंह धोबी सांसद बनने में कामयाब हुए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के डॉक्टर यशवंत सिंह ने जीत हासिल की थी। 2019 के चुनाव में बसपा के गिरीश चंद्र ने इस सीट पर बाजी मारी थी।
अब समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक मनोज पारस, उनकी पत्नी नीलम पारस, पूर्व सांसद यशवीर सिंह धोबी व पूर्व न्यायिक अधिकारी मनोज कुमार का नाम दौड़ में बताया जा रहा था। आखिरकार पूर्व न्यायिक अधिकारी मनोज कुमार ने सपा प्रत्याशी बनने में कामयाब हो गए। अब लोगों की निगाहें बहुजन समाज पार्टी के टिकट घोषणा पर टिकी रह गई है।
धामपुर निवासी पूर्व न्यायिक अधिकारी मनोज कुमार की 29 वर्ष की आयु में सिविल जज के पद पर गाजीपुर में पहली नियुक्ति हुई थी। उसके बाद न्यायिक अधिकारी के रूप में बरेली, लखनऊ, सीतापुर आदि कई जगहों पर काम किया। 20 अगस्त 2019 को पदोन्नति के बाद जनपद गौतमबुद्ध नगर, सीतापुर, बांदा और बिजनौर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। 23 सितंबर 2023 को न्यायिक सेवा से त्यागपत्र दे दिया।
नगीना से ताल ठोंक चुके हैं आसपा प्रमुख
सपा की ओर से मनोज कुमार को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिए जाने के बाद आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर के लिए नगीना सीट छोड़े जाने की चल रही चर्चाओं पर पूरी तरह विराम लग गया। शुक्रवार को ही आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर ने अपने चुनावी अभियान को धार देने के लिए नगीना में अपनी एक बड़ी जनसभा आयोजित की। इसमें उन्होंने चुनाव लड़ने का खुला ऐलान किया हैं। इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के सामने आजाद समाज पार्टी के भी उतरने से नगीना का चुनाव रोचक हो गया है।
सपा के टिकट पर 2009 में सांसद चुने गए थे यशवीर धोबी
नगीना। यशवीर सिंह धोबी को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का नजदीकी कहा जाता है। 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा हाई कमान ने उन्हें नगीना से टिकट देकर कुछ दिन बाद बदलकर मनोज पारस को प्रत्याशी बना दिया था। मगर, कुछ घंटे बाद ही पार्टी हाई कमान ने एक बार फिर मनोज पारस का टिकट काटकर यशवीर सिंह धोबी को ही प्रत्याशी घोषित कर दिया था। यशवीर सिंह जीत हासिल करने में भी सफल हो गए थे। वे उस समय ज्यादा चर्चा में आए थे, उन्होंने संसद में बहस के दौरान सोनिया गांधी के हाथ से प्रमोशन में आरक्षण का विधेयक लेकर फाड़ दिया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते वह अपनी सीट नहीं बचा पाए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा का बसपा से गठबंधन हो जाने के कारण नगीना सीट बसपा के खाते में चली गई थी। तब यशवीर सिंह सपा का साथ छोड़कर भाजपा में आ गए थे। हालांकि कुछ समय बाद वे वापस सपा में चले गए थे। इस बार 2024 के रण में वह नगीना लोकसभा से टिकट मांग रहे थे। हालांकि पार्टी ने उन्हें नगीना की बजाए बिजनौर से प्रत्याशी बना दिया।
यशवीर सिंह के नाम की घोषणा ने उलझाया
बिजनौर सीट पर सपा की लिस्ट में यशवीर सिंह का नाम शामिल है। देर शाम तक यह साफ नहीं हो पाया कि पूर्व सांसद यशवीर सिंह धोबी को मैदान में उतारा गया है या फिर कोई और यशवीर सिंह है। क्योंकि शामली के रहने वाले यशवीर सिंह साल 2009 में भी बिजनौर सीट पर सपा की ओर से चुनाव लड़ चुके हैं। सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि उन्हें अभी साफ पता नहीं है कि यह किसका नाम है। पार्टी हाइकमान से संपर्क साधा जा रहा है, ताकि स्थिति साफ हो पाए। उधर, जिन दो नाम की चर्चा है, वह भी स्थिति साफ न होने की बात कर रहे हैं।