बिजनौर। पूर्व विधायक एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रुचिवीरा मुरादाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। बुधवार को उन्होंने मुरादाबाद सीट से अपना नामांकन भी करा लिया है। उनके राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो वह जिला पंचायत, विधानसभा और लोकसभा सभी चुनाव में किस्मत आजमा चुकी हैं।
बिजनौर तहसील के ग्राम धर्मनगरी निवासी रुचिवीरा राष्ट्रीय लोकदल से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थी। वर्ष 2014 में बिजनौर सदर सीट से तत्कालीन विधायक भारतेंद्र सिंह ने लोकसभा चुनाव लड़ा था। उनके सांसद चुने जाने के बाद बिजनौर सदर सीट खाली हुई। वर्ष 2014 में बिजनौर सदर सीट पर हुए उपचुनाव में रुचिवीरा समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ीं और जीत हासिल की। राजनीतिक लोगों के अनुसार वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में पूर्व विधायक रुचिवीरा ने पार्टी बदली और बसपा की सदस्यता हासिल की। बसपा की ओर से उन्हें बिजनौर लोकसभा सीट की जगह आंवला लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था। वहां उन्होंने अच्छा चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाई थी। एक बार फिर उन्होंने सपा में वापसी की थी। अब वह समाजवादी पार्टी से बिजनौर लोकसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रही थी, लेकिन समाजवादी पार्टी ने उन्हें बिजनौर सीट की जगह मुरादाबाद लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी घोषित किया। उन्होंने बुधवार को मुरादाबाद में अपना नामांकन कराया।
रूचिवीरा का राजनीतिक घराना
पूर्व विधायक रुचि वीरा के पति उदयनवीर भी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं और विधायक का भी चुनाव लड़ चुके हैं। उनके ससुर कुंवर सत्यवीरा सिंह भी विधायक और प्रदेश के मंत्री रहे हैं। पूर्व विधायक रुचिवीरा की पुत्री स्वाति वीरा महाजन भी बिजनौर नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ी थीं। जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
आजम खां की करीबी मानी जाती हैं रूचि वीरा
राजनीति में रूचि वीरा को आजम खां का करीबी माना जाता है। अभी भी चर्चा है कि आजम खां की सिफारिश से ही रूचि वीरा को मुरादाबाद से सपा ने टिकट दिया है। इससे पहले भी चुनावों में आजम खां रूचि वीरा के पक्ष में चुनावी रैली कर चुके हैं।