बिजनौर। कहने को तो उच्च रक्तचाप कोई बड़ी बीमारी नहीं है। मगर इसका शरीर पर दुष्प्रभाव बहुत है। उच्च रक्तचाप से किडनी, गुर्दा खराब होने, दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक है। अनियंत्रित भोजन, मोटापा, अधिक सोचने से उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ रही है। मेडिकल अस्पताल में उच्च रक्तचाप के रोजाना 30 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 17 मई को मनाया जा रहा है। उच्च रक्तचाप की समस्या 45 के अधिक उम्र के लोगों में बढ़ रही है। मेडिकल अस्पताल में हर रोज उच्च रक्तचाप के 30 मरीज तक पहुंच रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार सत्र 2023-24 में उच्च रक्तचाप के मरीज करीब 60 हजार गोलियां खा गए। चिकित्सकों का कहना है कि उच्च रक्तचाप बढ़ने से कोशिकाओं पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे हृदय की मांसपेशियां भारी हो जातीं हैं। शरीर की जरूरत के हिसाब से रक्त प्रवाह नहीं होने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा ब्रेन हेमरेज, लकवा, दौरा पड़ने, किडनी, गुर्दा खराब होने की समस्या हो जाती है।
- सत्र 2023-24 में वितरित हुई उच्च रक्तचाप की दवाई
दवाई का नाम- वितरित गोलियां
एस्प्रिन- 30000
एम्लोडीपिन- 27000
रामिप्रिल- 3000
नोट: वितरित दवाइयों के आंकड़े मेडिकल अस्पताल के मेडिसिन स्टोर से लिए हैं। वितरित गोलियां की संख्या लगभग में हैं।
उच्च रक्तचाप के कारण
- शराब के अधिक सेवन से
- अधिक चिकनाई वाला भोजन खाने से
- नींद कम लेना
- नमक का अधिक प्रयोग करना
- उच्च रक्तचाप के लक्षण
- घबराहट होना
- अधिक चिंता होना
- सांस लेने में दिक्कत होना
- नींद नहीं आना
- तेज सिर दर्द होना
- छाती में दर्द होना
- उच्च रक्तचाप से ऐसे करें बचाव
- रोजाना व्यायाम करें
- शराब का सेवन न करें
- अधिक मात्रा में नमक न लें
- पौष्टिक भोजन खाएं
वर्जन : बिगड़ती दिनचर्या और पौष्टिक भोजन का सेवन नहीं करना उच्च रक्तचाप का कारण बन रहा है। लगातार उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उच्च रक्तचाप से बचने के लिए लिए पौष्टिक भोेजन खाएं। नमक का अधिक नहीं करें। - डॉ. आरएस वर्मा, चिकित्सक, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर