आशाओंं की बैठक को संबोधित करतीं प्रदेश अध्यक्ष।
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बिजनौर के धामपुर में आशा संघ की प्रदेशाध्यक्ष गिरिजा देवी ने कहा कि अब प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत आशाओं को अपने हक की मांग को पूरा कराने को लेकर खामोश नहीं रहना है। प्रदेश में 1.80 लाख आशाएं कार्यरत हैं। हम सभी को एकजुट होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकना है।
सरकार से चुनाव से पहले प्रदेश की सभी आशाओं को राज्यकर्मचारी का दर्जा दिलाने और उनके समान वेतन की मांग को लेकर संघर्ष के लिए तैयार रहना है। रविवार को ब्लाक के सभाकक्ष में आयोजित जिलास्तर की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष गिरिजा देवी ने कहा कि बगैर वेतन के नौकरी करना उनके सामर्थ्य से बाहर हो रहा है।
दिनभर काम करने के बाद भी न तो वे भरपेट भोजन कर पा रही है और न ही परिवार का जीविकोपार्जन करने में समक्ष हो रही है। सरकार की ओर से पिछले दिनों वार्ता में उन्हें 7200 मानदेय प्रति माह फिक्स करने का भरोसा दिया गया है । चेताया कि यदि सरकार दिए वादे पर खरी नहीं उतरी तो आंदोलन होगा।
आशाएं मांगों को पूरा कराने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए विवश होगी। जब तक मांग पूरी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा। इससे मुख्यमंत्री को भी अवगत करा दिया गया है। मंडल अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा ने हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि आशाओं को मांग पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन के लिए तैयार रहना है।
उन्होंने कहा किजिस संगठन ने अब तक संघर्ष किया है वह इतिहास रचता है। बैठक में गीता वर्मा, सुनीता , शोभा शर्मा, त्रिवेणी , मंजू, पूनम रानी आदि मौजूद रहीं। संचालन गीता वर्मा ने किया।