बिजनौर, कालागढ़। ग्रामीण क्षेत्र में कहीं वनराज तो कहीं गजराज सक्रिय हो रहे हैं। हिंसक वन्यजीव आबादी में अपने आशियाने तलाश कर रहे हैंं जिसकी वजह से लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क एवं अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के वनों की सीमा पर बसी आबादी में हिंसक वन्यजीवों का विचरण आम लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है। वन विभाग की टीमों के सक्रिय होने के बाद भी वन्यजीवों का विचरण आबादी में निरंतर जारी है। कालागढ़ में रामगंगा बांध के सहायक बांध सैडिल बांध पर रात्रि में 16 हाथियों का दल स्पिलवे की ओर बढ़ता देखा गया। जिसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। साथ ही सांसें रोककर किसी तरह अपने आप को कमरें में ही रखा।
सहायक अभियंता मनोज कुमार लिखवार ने बताया कि बांध पर हाथी लगातार सक्रिय हैं। कुछ दिन पहले पानी की लाइन क्षतिग्रस्त कर दी थी। केबिल को नष्ट कर दिया। उधर कालागढ़ की सीमा से लगे पूर्व सैनिक काॅलोनियों के इस्लामनगर पंचायत के ग्रामों में गुलदार, बाघ, हाथी जैसे जीवों का विचरण जारी है। ग्राम प्रधान गीतेन्द्र सिंह कहना है कि ओम इंटर कॉलेज से लेकर भिक्कावाला तक अनेक जगह बाघ, गुलदार को देखा गया है। इन दिनों बारिश में तो खतरा और बढ़ रहा है।
अरण्या, भारतीय वन्यजीव संरक्षण सोसायटी के सचिव नरेन्द्र सिंह का कहना है कि अब यहां वन्यजीवों का दायरा बढ़ रहा है। इसके लिए नए इंतज़ाम आवश्यक हैं।