नूरपुर। जमीन के मालिक को पता भी नही चला और किसी शातिर ने जाली दस्तावेजों के सहारे उसकी हाइवे के किनारे स्थित कीमती जमीन बेच दी। जमीन स्वामी जब फर्द लेने तहसील गया तब उसे अपने साथ हुए फर्जीवाड़े का पता लगा। पीड़ित ने एसपी व थाने में प्रार्थना पत्र देकर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
स्योहारा थाने के गांव मुंडाखेड़ी निवासी धर्मपाल सिंह के अनुसार उसकी व उसकी मौसी क्रांति देवी की जमीन नूरपुर थाने के गांव मंडोरा में है। तीन दिसंबर 2021 को किसी व्यक्ति ने उसकी हाइवे पर स्थित .0620 हेक्टेयर जमीन का बैनामा मंडोरा निवासी उषा पत्नी नानकचंद के नाम करा दिया। हैरत की बात ये है कि बैनामे से करीब सात माह पूर्व उसकी मौसी क्रांति देवी की मौत हो चुकी थी, इसके बावजूद भी किसी अन्य महिला को बैनामे के लिए क्रांति देवी बनाकर बैनामा करा दिया गया।
चार दिन पहले जब वह फर्द लेने तहसील गया तो उसे पता लगा कि उसकी व उसकी मौसी की जमीन किसी अन्य ने उषा देवी को बेच दी है। धर्मपाल का आरोप है कि इतना बड़ा फर्जीवाड़ा करने में राजस्व विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं। उसने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर जमीन खरीदने व बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।